रोहतकः हरियाणा के रोहतक में सड़क हादसा हो गया। जहां हादसे में गाड़ी के परखच्चे उड़ गए। हैरानी की बात यह रही कि भीषण हादसे में गाड़ी के एयरबैग ही नहीं खुले।मिली जानकारी के अनुसार सनसिटी हाइट्स निवासी अमन फौगाट की मारुति विक्टोरिस सीएनजी कार भिवानी रोड पर हादसे का शिकार हो गई। भीषण हादसे में कार का पूरा फ्रंट हिस्सा बुरी तरह पिचक गया, लेकिन संकट के वक्त गाड़ी का एक भी एयरबैग नहीं खुला। सिर्फ सीट बेल्ट लगी होने की वजह से अमन फौगाट की जान बच पाई। बताया जा रहा है कि पीड़ित ने कंपनी के सेफ्टी फीचर्स को ‘जीरो’ बताते हुए शोरूम और मारुति सुजुकी के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ने का मन बनाया है।
घटना 29 सितंबर की बताई जा रही है, जब अमन फौगाट अपनी विक्टोरिस कार से भिवानी रोड से गुजर रहे थे। अमन के मुताबिक, उनकी गाड़ी के आगे एक बोलेरो पिकअप चल रही थी। अचानक सड़क पर आए गड्ढे के कारण पिकअप चालक ने इमरजेंसी ब्रेक लगा दिए। अमन ने भी तुरंत अपनी गाड़ी के ब्रेक दबाए, लेकिन ब्रेक ने सही समय पर काम नहीं किया और कार सीधे पिकअप के पिछले हिस्से में जा घुसी। अमन ने बताया कि गाड़ी महज 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पर थी। हादसे के बाद उन्हें उम्मीद थी कि एयरबैग खुलेंगे, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ और पूरी स्टीयरिंग उनके सीने पर आकर लगने से बाल-बाल बची।
हादसे के बाद जब क्षतिग्रस्त कार को लेकर पीड़ित अमन फौगाट मारुति सुजुकी के अधिकृत शोरूम पहुंचे और एयरबैग न खुलने पर जवाब मांगा, तो वहां से मिले तर्क ने उनके होश उड़ा दिए। शोरूम अधिकारियों ने अजीबोगरीब सफाई देते हुए कहा कि टक्कर के दौरान एयरबैग का सेंसर ‘हीट’ (गर्म) नहीं हुआ था, जिस वजह से सिस्टम ट्रिगर नहीं हो सका। इस पर बिफरे अमन ने तीखा सवाल खड़ा किया कि जब 40-50 की स्पीड में पूरी गाड़ी आगे से खत्म हो गई और सेंसर काम नहीं किया, तो क्या अब जान जाने के बाद एयरबैग खुलेंगे?
अमन फौगाट ने बताया कि उन्होंने यह गाड़ी 4 जून 2026 को ही मारुति शोरूम से खरीदी थी। गाड़ी खरीदते वक्त सेल्स एग्जीक्यूटिव्स ने इसे 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग वाली कार बताकर बेचा था। अमन का कहना है कि उन्होंने परिवार की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ही यह मॉडल चुना था। अमन ने सवाल उठाया कि अगर लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी ऐसे घातक हादसों में सेफ्टी फीचर्स काम ही न करें, तो कोई गाड़ी क्यों खरीदेगा? उन्होंने साफ किया है कि वे इस पूरे मामले को लेकर कंज्यूमर कोर्ट जाएंगे और कार कंपनी तथा स्थानीय डीलर से भारी मुआवजे की मांग करेंगे।