चंडीगढ़ः पंजाब कांग्रेस के प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वडिंग की अगुवाई में पार्टी नेता और कार्यकर्ता सेक्टर-17 स्थित चुनाव आयोग कार्यालय तक कांग्रेस पार्टी द्वारा विरोध मार्च निकाला गया। इस दौरान पार्टी द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया गया। हालांकि इस प्रदर्शन में पंजाब प्रभारी सचिन पायलट और सासंद चरणजीत सिंह चन्नी नहीं शामिल हुए। दरअसल, सचिन पायलट के पंजाब प्रभारी बनने के बाद ये दूसरा सबसे बड़ा प्रदर्शन है। उनकी नियुक्ति पार्टी के भीतर कलह को शांत करने व सभी नेताओं को एक मंच पर लाने की है।
कुछ दिन पहले मंत्री हरपाल सिंह चीमा के निवास को घेरने के दौरान सचिन पायलट सभी नेताओं को एक मंच पर लाने में सफल तो रहे, लेकिन राजा वडिंग के नेतृत्व में हो रहे इस प्रदर्शन में कांग्रेस के सीनियर नेता एक बार फिर दूर-दूर नजर आ रहे हैं। प्रदर्शन में सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा, परगट सिंह समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए है। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण को लेकर सवाल उठाए। कांग्रेस पहले ही पंजाब में विधानसभा चुनाव तक एसआईआर की प्रक्रिया रोकने की मांग कर चुकी है। वड़िंग का कहना है कि चुनाव मौजूदा मतदाता सूचियों के आधार पर कराए जाएं और इस दौरान किसी वास्तविक मतदाता का नाम न काटा जाए। प्रदर्शन का एक प्रमुख मुद्दा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर भी रहा।
कांग्रेस ने उन पर चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने के आरोप लगाते हुए पद से हटाने, एफआईआर दर्ज करने और कार्रवाई की मांग रखी है। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने, उनके खिलाफFIR दर्ज करने और गिरफ्तारी की मांग की है। कांग्रेस का आरोप है कि चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूचियों से जुड़े मामलों में पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। ये कांग्रेस की ओर से लगाए गए आरोप और मांगें हैं, जबकि चुनाव आयोग ने अपने स्तर पर प्रक्रिया से जुड़े निर्णयों को नियमों के अनुरूप और सर्वसम्मत बताया है। पार्टी इसे चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर अपना विरोध दर्ज कराने के बड़े कार्यक्रम के रूप में देख रही है।
पंजाब कांग्रेस विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर भी लगातार सवाल उठा रही है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने विधानसभा चुनाव तक विशेष गहन पुनरीक्षण रोकने और पिछली मतदाता सूचियों के आधार पर चुनाव कराने की मांग की है। कांग्रेस की ओर से यह प्रदर्शन ऐसे समय किया जा रहा है, जब चुनाव आयोग के भीतर विशेष गहन पुनरीक्षण समेत कुछ प्रक्रियाओं को लेकर आयुक्तों की आपत्तियों की रिपोर्ट सामने आई है। चुनाव आयोग ने कहा है कि तकनीकी टिप्पणियां और सवाल बहुसदस्यीय संस्था की सामान्य कार्यप्रणाली का हिस्सा हैं तथा विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़े अंतिम निर्णय तीनों आयुक्तों की सहमति से लिए गए हैं।