अमृतसरः शहर में धार्मिक समागम में आए युवक-युवतियों के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी करने को लेकर विवाद हो गया। होटल कर्मी को युवती के साथ आपत्तिजनक टिप्पणी करना महंगा पड़ गया। उसी के दोस्त ने परिजनों के साथ मिलकर उसकी पिटाई कर दी। दरअसल, होटल में काम करने वाली युवती कोमल ने 21 सितंबर को एक वीडियो पोस्ट किया था। ये वीडियो उसने उस होटल से बनाया, जहां वह काम करती है। कोमल ने कहा कि रविवार था, यहां चुपेहरा था । हमें यहां बैठकर दुनियादारी का पता लग गया कितने लड़की-लड़के आते हैं यहां। युवती ने आगे कहा मैं कहूं कि इतनी आग लगी हुई है न इन्हें।
कह रहे हैं कि बस आप रूम लगवा दो, पैसे जितने मर्जी ले लो। यारों के साथ आईं, जितने तक चुपेहरा खत्म नहीं हुआ ना, 4 बजे तक गई नहीं। इसके बाद युवती के दोस्त हनी ने 2-3 महिलाओं के साथ मिलकर कोमल की पिटाई कर दी। हनी ने पिटाई करने वालों में एक महिला को अपनी पत्नी, जबकि दूसरी को भाभी और तीसरी को बहन बताया है। ये सभी अमृतसर के रहने वाले हैं। हनी ने बताया कि कोमल के साथ पहले उनकी दोस्ती थी, क्योंकि उसकी बहन ने ही कोमल को काम पर रखवाया था। युवक का आरोप है कि परसों रात अमृतसर के जलेबियां वाले चौक स्थित एक निजी होटल में वह रुका था।
कोमल भी उसी होटल में ठहरी थी और इसी दौरान उसने उसका मोबाइल फोन चोरी कर लिया। युवक ने बताया कि सीसीटीवी चेक किए गए। इसमें कोमल फोन करते दिखी। इसके बाद मंगलवार को उसे पकड़ा और पिटाई कर दी। मारपीट का वीडियो भी वायरल हुआ है। वहीं वीडियो को लेकर निहंगों ने भी कड़ा विरोध जताते हुए युवती को चेतावनी दी है।पुलिस ने भी इस मामले की जांच शुरू कर दी है। थाना डिवीजन बी के एसएचओ किरणप्रीत सिंह ने कहा कि वीडियो संज्ञान में आया है। इसकी जांच की जा रही है। वीडियो सामने आने के बाद निहंग परमजीत सिंह अकाली ने कहा कि इस तरह की बात केवल कुछ व्यूज हासिल करने के लिए नहीं कही जानी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि शहीदा साहिब में आने वाली संगत और यहां सेवा करने वाली लड़कियों को लेकर इस तरह की टिप्पणी करना गलत है।
परमजीत सिंह अकाली ने कहा कि जो लड़कियां गुरुद्वारा साहिब में आती हैं, वे गुरु को समर्पित होकर आती हैं। अगर किसी व्यक्ति के बारे में कोई गलत बात है, तो उसके बारे में बोलना चाहिए था, लेकिन शहीदा साहिब का नाम इस मामले में लेना उचित नहीं था। उन्होंने कहा कि आसपास किसी तरह की गंदगी या गलत गतिविधि होने की बात से इनकार नहीं किया जा सकता, लेकिन इसके लिए पूरी संगत का नाम लेना गलत है। निहंग सिंहों ने इस मामले में आपत्ति जताते हुए कहा कि धार्मिक स्थल और वहां आने वाली संगत के बारे में बोलते समय जिम्मेदारी और मर्यादा का ध्यान रखा जाना चाहिए।