शिमला: बच्चों की पोषण आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री बाल पौष्टिक आहार योजना में संशोधन को स्वीकृति प्रदान की है। इसके तहत नर्सरी से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को मिड-डे-मील के साथ सप्ताह में दो बार अतिरिक्त पौष्टिक आहार (टॉप-अप) उपलब्ध करवाया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य स्कूली बच्चों के पोषण को बेहतर बनाना है ताकि उनका संतुलित विकास सुनिश्चित हो।
इस पहल के तहत विद्यार्थियों को सप्ताह में दो बार बुधवार और शुक्रवार को, उनकी अथवा उनके अभिभावकों की पसंद के अनुसार उबला हुआ अंडा या ताजा फल, जिसमें केला अथवा सेब उपलब्ध करवाया जाएगा। इससे पहले विद्यार्थियों को ये पौष्टिक वस्तुएं सप्ताह में एक बार प्रदान की जाती थीं। विद्यालय स्तर पर मिड-डे-मील प्रभारी शिक्षक, कुक-कम-हेल्पर्स की सहायता से यह सुनिश्चित करेंगे कि विद्यार्थियों को निर्धारित पौष्टिक आहार समय पर उपलब्ध हो।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और समग्र कल्याण में सुधार के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सप्ताह में दो बार दिया जाने वाला यह पौष्टिक टॉप-अप नियमित मिड-डे-मील का पूरक होगा तथा विद्यार्थियों को अतिरिक्त पोषण उपलब्ध करवाने में सहायक सिद्ध होगा। इससे बच्चों के स्वस्थ शारीरिक विकास और बेहतर स्वास्थ्य को बढ़ावा मिलेगा।