जालंधरः भारतीय जूनियर हॉकी टीम ने चीन में आयोजित जूनियर एशिया कप में स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया है। इस चैंपियन टीम में शामिल पंजाब के 4 खिलाड़ियों का स्वदेश लौटने पर जालंधर स्थित हॉकी के मक्का कहे जाने वाले मिठापुर ग्राउंड में जोरदार स्वागत किया गया। सभी चारों खिलाड़ियों का यह पहला अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट था, जिसमें उन्होंने अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर भारत को विजेता बनाया। दिग्गज ओलंपियन, कैंट विधायक परगट सिंह और कोचों की मौजूदगी में ढोल-नगाड़ों और गर्मजोशी के साथ इन उभरते हुए सितारों का अभिनंदन किया गया।
स्वागत समारोह के दौरान पूर्व ओलंपियन और विधायक परगट सिंह ने युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर गर्व जताया। उन्होंने कहा कि पंजाब हमेशा से भारतीय हॉकी की नर्सरी रहा है। संसारपुर, मिठापुर, खुसरोपुर और कुक्कड़ पिंड की इस ऐतिहासिक बेल्ट ने देश को कई महान खिलाड़ी दिए हैं और यह सिलसिला आज भी जारी है।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर पदार्पण करने वाले युवा खिलाड़ी प्रभ और मनमीत सिंह ने जीत पर अपनी खुशी जाहिर की। प्रभ ने कहा कि पहले ही टूर्नामेंट में गोल्ड मेडल हासिल करना एक सपने जैसा है और अब उनका अगला लक्ष्य सीनियर राष्ट्रीय टीम में जगह बनाना है। वहीं मनमीत सिंह ने शुरुआती दबाव से उबरकर शानदार जीत दर्ज करने के अपने अनुभव साझा किए।
खिलाड़ियों के शुरुआती सफर को याद करते कोच दविंदर सिंह ने बताया कि प्रभ महज 7 साल की उम्र में उनके पास आ गए थे। 11 साल की उम्र तक उनके बेसिक मजबूत करने के बाद उनका चयन सुरजीत हॉकी अकादमी में हुआ, जहां कोच अवतार सिंह पिंका ने उनकी प्रतिभा को और निखारा। कोच दविंदर के अनुसार, प्रभ की बॉडी डोज और हिटिंग तकनीक बचपन से ही लाजवाब थी।
वरिष्ठ हॉकी खिलाड़ी मनदीप सिंह के पिता रविंद्र सिंह ने भी खिलाड़ियों को प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि पंजाब में हॉकी की अपार प्रतिभा मौजूद है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों को मोबाइल फोन से दूर रखकर खेल के मैदानों से जोड़ें। यदि बच्चे टीवी पर मैच देखकर और मैदान में पसीना बहाकर अपनी कमियों को सुधारेंगे, तो आने वाले समय में पंजाब से और भी अधिक खिलाड़ी राष्ट्रीय टीम में अपनी जगह पक्की कर सकेंगे।