चंडीगढ़: पंजाब के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री स. गुरमीत सिंह खुड्डियां ने बताया कि चालू सीजन के दौरान राज्य में गन्ने की खेती के अधीन क्षेत्र बढ़कर 1.16 लाख हेक्टेयर हो गया है और सरकार ने 700 लाख क्विंटल गन्ना उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया है। गन्ने को गेहूं और धान के बाद पंजाब की तीसरी सबसे महत्वपूर्ण फसल बताते हुए स. गुरमीत सिंह खुड्डियां ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार उन्नत कृषि तकनीकों को प्रोत्साहित करके उत्पादन बढ़ाने, चीनी की रिकवरी में सुधार करने तथा खेती की लागत कम करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
बुवाई और कटाई के समय खेत मजदूरों की कमी की समस्या को दूर करने के लिए राज्य सरकार मशीनीकरण को बढ़ावा दे रही है। इसके तहत शुगरकेन हार्वेस्टर, छोटे ट्रैक्टर, गन्ना प्लांटर और रैटून मैनेजर सहित प्रमुख कृषि उपकरणों पर 40 प्रतिशत सब्सिडी की पेशकश की जा रही है। “मशीनीकरण अब कोई विकल्प नहीं बल्कि आवश्यकता है। हमारा उद्देश्य इन मशीनों को प्रत्येक किसान के लिए सुलभ और किफायती बनाना है।”
वित्तीय प्रोत्साहन, तकनीकी उन्नयन, क्षमता निर्माण और कृषि मशीनीकरण पर आधारित यह बहुआयामी रणनीति गन्ने की खेती को किसानों के लिए अधिक लाभकारी व्यवसाय बनाने के उद्देश्य से तैयार की गई है। उन्होंने कहा, “हमारी व्यापक रणनीति खेती की लागत कम करने, उत्पादकता बढ़ाने और चीनी की रिकवरी में सुधार करने में सहायक होगी। हम यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं कि पंजाब के गन्ना उत्पादकों को उनकी मेहनत का उचित लाभ मिले और वे राज्य की कृषि को और अधिक आधुनिक एवं उन्नत बनाने में सार्थक योगदान दे सकें।”