नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में इन दिनों ब्रिक्स सम्मेलन चल रहा है। इस सम्मेलन में बीते दिन पीएम नरेंद्र मोदी और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस खालिद बिन मोहम्मद ने द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की। इस मीटिंग में अमीराती संस्थाओं में निवेश कैसे बढ़ाया जाए इस पर चर्चा की गई है। शनिवार को ब्रिक्स सम्मेलन में शामिल होने के बाद ही वह वापिस अबू धाबी लौट गए थे। यूएई की बैठक भारत के साथ ऐसे समय में हुई है जब पहले से ही मीडिल ईस्ट में लगातार तनाव हुआ है।
पीएम ने शेयर की मुलाकात की तस्वीरें
प्रिंस के साथ हुई मीटिंग की तस्वीरें पीएम मोदी ने अपने सोशल मीडिया पर शेयर की हैं। तस्वीरें शेयर करते हुए कहा कि – हमने रक्षा, एआई, अंतरिक्ष, अहम खनिजों, ऊर्जा, फूड सिक्योरिटी और कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में अपनी रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर चर्चा की है। उन्होंने आगे कहा कि निवेश को लेकर रणनीतिक ऊर्जा बुनियादी और IMEC कनेक्टिविटी में नई संभावनाओं तक आगे बहुत संभावनाएं है। मोदी ने पश्चिम एशिया में अनिश्चितता के दौर में भारत यूएई के रिश्तों को स्थिरता, समृद्धि और शांति का प्रतीक बनाया है। इसके अलावा पीएम ने कहा कि कुछ सालों में अपने रिश्तों को बदलने के बाद दोनों पक्ष अब और भी ऊंचे लक्ष्य तय कर रहे हैं।
India-UAE ties have been transformed over the last few years. Now, we are raising our ambitions even higher.
Delighted to meet His Highness Sheikh Khaled bin Mohamed bin Zayed Al Nahyan.
Discussed taking our Strategic Partnership forward across defence, AI, space, critical… pic.twitter.com/omzRK4ccuP
— Narendra Modi (@narendramodi) September 12, 2026
एल्युमीनियम मैन्युफैक्चरिंग के तौर पर स्थापित होगा ओडिशा
विदेश मंत्रालय ने भी इस मुलाकात पर बयान शेयर किया है। इसमें दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय साझेदारी को और भी गहरा करने में यूएई के निवेश फंड की भूमिका को स्वीकार किया है। उन्होंने ओडिशा में एक इंटीग्रेटेड ग्रीनफील्ड एल्युमीनियम प्रोजेक्ट में 11.5 अरब डॉलर का निवेश करने की यूएई की इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी की घोषणा पर भी संज्ञान लिया है।
वहीं IHC ग्रुप की एक कंपनी ने इंटरनेशनल रिसोर्सेड होल्डिंग और अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड ने जुलाई में एल्युमीनियम प्रोडेक्ट के लिए ओडिशा राज्य के साथ शुरुआती समझौता कर लिया था। इस प्रोजेक्ट के लिए बनने वाले ज्वाइंट वेंचर में IHC और AEL दोनों के 50-50 प्रतिशत की हिस्सेदारी होगी। वहीं उम्मीद यह भी लगाई जा रही है कि ओडिशा एक ग्लोबल एल्युमीनियम मैन्युफैक्चरिंग हब के तौर पर स्थापित होगा।
टेक्नोलॉजी और इनोवेशन जैसे मुद्दों पर भी हुई चर्चा
विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में यह भी बताया कि मोदी और प्रिंस खालिद ने रक्षा, अंतरिक्ष, एटमिक एनर्जी, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन जैसे रणनीतिक और उभरते क्षेत्रों में साथ बढ़ाने के मौकों पर चर्चा की है। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच में भारतीय पक्ष ने यूएई के शीर्ष नेतृ्त्व के साथ भी बात हुई है। ऐसा इसलिए ताकि 40 लाख से ज्यादा भारतीयों की भलाई सुनिश्चित की जा पाए। शेख मोहम्मद बिन जायद ने जनवरी में भारत का दौरा किया था और इसके बाद पीएम मोदी ने मई में यूएई की यात्रा की थी।