गुरदासपुरः जिले में एक निजी स्कूल में 5वीं कक्षा में पढ़ने वाले छात्र पर स्कूल में शराब लाने का आरोप लगा है। इस मामले को लेकर अभिभावकों का कहना है कि बच्चा स्कूल में किसी भी तरह का नशा नहीं लेकर गया था। आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने जानबूझकर बच्चों को परेशान किया गया और स्कूल से टर्मिनेट कर दिया गया। परिजनों का कहना है कि स्कूल में पढ़ने वाली उनकी बेटी भी इन सब घटनाओं के बाद से डिप्रेशन में है। उन्होंने मांग की है कि इस मामले में स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
जानकारी देते हुए बच्चे की मां रितिका महाजन ने बताया कि उनका बच्चा नाम स्कूल में 5वीं कक्षा का छात्रा है और पिछले कई सालों से इसी स्कूल में पढ़ रहा है। मां ने कहाकि उनकी बेटी भी इसी स्कूल में छठी कक्षा में पढ़ती है। लेकिन एक दिन हमें बिना बताए स्कूल में बच्चे को काफी डांटा गया। मां ने कहाकि स्कूल प्रशासन ने बच्चे पर आरोप लगाया कि वह स्कूल में शराब लेकर आता है, जिसके बाद स्कूल के कोऑर्डिनेटर ने दोनों बच्चों को बुलाया और उनसे पूछताछ की और उन्हें पीटा गया। जिसके बाद से बच्चों को परेशान किया। इसकी जानकारी स्कूल की ओर से उन्हें नहीं दी गई।
जब बच्चा घर पहुंचा तो वह बहुत परेशान था। जब मां ने बच्चे से पूछा तो उसने बताया कि आज टीचर कोऑर्डिनेटर ने मुझे स्कूल में बुलाकर काफी जलील किया। बच्चे ने कहा कि मैं स्कूल नहीं जाना चाहता। परिजनों का कहना है कि जब उनके द्वारा स्कूल जाकर टीचर से बात की गई तो उन्हें स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया। जिसके बाद इस मामले की जिला शिक्षा अधिकारी को शिकायत की गई। इस मामले को लेकर जब गुरदासपुर की जिला शिक्षा अधिकारी मैडम परमजीत कौर से बात की गई तो उन्होंने कहा कि उन्हें शिकायत मिली है। उनके द्वारा इस मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के बयान लेने और बच्चे से पूछताछ के बाद ही आगे की विभागीय कार्रवाई की जाएगी।