नई दिल्लीः स्वरा भास्कर के रानी पद्मावती के जौहर को कायरता के बयान पर धीरेंद्र शास्त्री ने तंज कसा है। उन्होंने कहा कि जौहर कायरता नहीं, बल्कि बहादुरी, भक्ति और पति के प्रति समर्पण है। आपको बता दें स्वरा बयान अपने बयान को लेकर सफाई दे चुके हैं, लेकिन विवाद जारी है। ये बयान पश्चिम बंगाल के लीलुआ वर्कशॉप ग्राउंड में चल रही ‘हनुमत कथा’ के दूसरे दिन दिया गया। कार्यक्रम में दिए बयान में धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि उनसे इस मुद्दे पर बिना बात किए रहा नहीं जा रहा था। धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि एक तथाकथित महिला ने रानी पद्मावती के बारे में बयान दिया। उस महिला ने जौहर को कायरता कहा। ऐ नाककटु, चंडालन, जौहर कायरता नहीं है, यह बहादुरी, भक्ति और पति के प्रति समर्पण है। आप जौहर की संस्कृति के बारे में क्या जानते हैं।
जो लोग आस्था का विरोध करते हैं, वे जौहर को समझ ही नहीं सकते। कुछ लोग तो भईया को सईयां बना देते हैं, वे जौहर के बारे में क्या जानेंगे? अगर मेरी बातों से किसी को बुरा लगे या उनकी भावनाएं आहत हों, तो भी मैं सच ही कहूंगा।
31 अगस्त को दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित ‘वुमन, लाइफ, फ्रीडम’ टॉक में स्वरा ने फिल्म पद्मावत के जौहर सीन का जिक्र करते बयान दिया था। स्वरा के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने उन पर ऐतिहासिक बलिदान का अपमान करने का आरोप लगाया था।
विवाद बढ़ने पर स्वरा ने दी सफाई स्वरा के बयान पर विवाद हो गया। कुछ समय बाद उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर मेरा एक क्लिप वायरल हो रहा है। मुझसे पूछा गया था कि पद्मावत देखने के बाद मैंने ओपन लेटर क्यों लिखा था। मैं साफ करना चाहती हूं कि मैंने रानी पद्मावती या महल की बाकी महिलाओं को कायर नहीं कहा। अगर गाली देनी है तो सही बात पर दीजिए। मैंने कहा था कि अगर मैं रेप पीड़िता होती, तो क्लाइमेक्स देखकर मुझे लगता कि रेप के बाद जिंदा बचकर मैंने कायरता दिखाई है।