नई दिल्ली: रुस-यूक्रेन की जंग को खत्म करवाने की अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हर कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में ट्रंप के खास दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर की ओर से यूक्रेन की राजधानी कीव में राष्ट्रपति व्लोदिमीर जेलेंस्की के साथ मुलाकात की गई। वहीं इससे एक दिन पहले उन्होंने मॉस्को में रुसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ भी बातचीत की थी।
अमेरिका कर रहा जंग खत्म करने की कोशिश
ऐसे में लगातार हो रही ये दोनों बैठकों में रुस-यूक्रेन जंग को खत्म करने का रास्ता ढूंढने के लिए अमेरिका के प्रयासों का हिस्सा है। पुतिन और जेलेंस्की के साथ मीटिंग होने के बाद भी अभी तक किसी पक्ष ने किसी सफलता या समझौते की घोषणा नहीं की है। रुस के द्वारा यूक्रेन पर भीषण हमलों के बाद यह अमेरिकी अधिकारियों की यूक्रेन के साथ पहली यात्रा थी। पोलैंड की यात्रा के बाद विटकॉफ और कुशनर ट्रेन से कीव में पहुंचे जहां पर जेलेंस्की ने सेंट सोफिया कैथेड्रेल के पास उनका स्वागत किया।
अमेरिकी शांति दूतों के साथ बातचीत जरुरी
बातचीत करने के बाद जेलेंस्की का कहना है कि अमेरिकी शांति दूतों के साथ यूक्रेन की बातचीत बहुत जरुरी और सार्थक रही है। बातचीत में यूक्रेन के लिए सुरक्षा और आर्थिक गारंटी के साथ-साथ सदियों से पहले की तत्काल जरुरतों पर चर्चा भी हुई है। इसमें अतिरिक्त वायु रक्षा मिसाइलें और देश की ऊर्जा व्यवस्था के लिए मदद कनरा भी शामिल है।
जेलेंस्की ने यह संदेश साफ कर लिया था कि यूक्रेन बातचीत करने के लिए तैयार है। किसी भी शांति समझौते में उसको भविष्य में रुस को एक और हमले से ही सुरक्षा मिलनी चाहिए। उन्होंने यह उम्मीद जताई है कि अमेरिकी के नेतृत्व में चल रहा यह प्रयास जंग खत्म करने के लिए बातचीत को फिर से शुरु करने के लिए रास्ता तैयार होगा।
यूक्रेन युद्ध से जुड़ी मुश्किलें नही हो रही खत्म
वहीं इससे पहले मॉस्को में विटकॉफ और कुशनर के साथ मुलाकात के दौरान पुतिन ने बड़ा बयान दिया था। उनका कहना था कि यूक्रेन युद्ध से जुड़ी स्थिति के कारण अभी भी मुश्किल बनी हुई है। यह समझते हुए कि ट्रंप एक मुश्किल परिस्थिति में प्रवेश करने वाले हैं। इसके बाद भी उन्होंने समझौता करवाने में अपना योगदान देने की कोशिश बंद नहीं की। ऐसे में हम उनके प्रयासों की सराहना भी करते हैं।