फ्लोरिडाः अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने दावा किया है कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में ईरान से जुड़ा तेल टैंकर M/T Kylo शनिवार को ओमान की खाड़ी में डूब गया। CENTCOM ने टैंकर में आग लगने और उसके डूबने का वीडियो भी जारी किया है।
ये कार्रवाई ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की ओर से क्षेत्र में तैनात दो अमेरिकी नौसैनिक जहाजों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागे जाने के बाद की गई। अमेरिका का कहना है कि उसके एक विमानवाहक पोत और गाइडेड-मिसाइल विध्वंसक ने ईरानी हमले से बचाव किया। इस घटना में किसी अमेरिकी सैनिक के घायल होने की सूचना नहीं है।
CENTCOM ने बताया कि M/T Kylo, जिसे Noxen के नाम से भी जाना जाता है, उसको कई महत्वपूर्ण हिस्सों में निशाना बनाया गया। जहाज के पूरी तरह निष्क्रिय होने से पहले चालक दल को उसे छोड़ने का आदेश दिया गया था।
अमेरिकी सेना के मुताबिक दो अन्य तेल टैंकरों M/T Downy और M/T Stark 1 को भी निशाना बनाया गया। अमेरिका का दावा है कि Downy को खार्ग द्वीप के पास निष्क्रिय किया गया, जबकि Stark 1 को जास्क के पास निशाना बनाया गया।
अमेरिकी युद्ध सचिव पीट हेगसेथ ने ईरान को चेतावनी दी कि अगर उसकी सेना अमेरिकी नौसैनिक जहाजों पर हमला करती है तो अमेरिका ईरानी तेल टैंकरों को निशाना बनाएगा। उन्होंने कहा कि ईरान का तेल टैंकर बेड़ा अमेरिकी विमानों, जहाजों और पनडुब्बियों के हमलों के सामने असुरक्षित है।
CENTCOM के कमांडर ब्रैड कूपर ने कहा कि अमेरिकी जहाजों पर हमला करने पर ईरान को और अधिक आर्थिक कीमत चुकानी पड़ेगी। अमेरिकी कमान ने इन तीनों टैंकरों को कथित तौर पर अरबों डॉलर के ऐसे नेटवर्क का हिस्सा बताया है, जिससे IRGC और उसके क्षेत्रीय सहयोगी समूहों को धन मिलता है।
ईरानी विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी हमलों की कड़ी निंदा की है। तेहरान ने इन कार्रवाइयों को संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन और युद्ध अपराध बताया। ईरान ने आरोप लगाया कि अमेरिकी कार्रवाई नौसैनिक नाकाबंदी और आर्थिक युद्ध का हिस्सा है। मंत्रालय ने कहा कि इससे अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के साथ-साथ समुद्री व्यापार को भी खतरा पैदा हो रहा है।