नई दिल्ली: अयोध्या के राम मंदिर के लिए नया सीईओ चुन लिया गया है। सूत्रों की मानें तो एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को नए सीईओ के तौर पर चुना गया है। इस बात की ऑफिशियल तौर पर घोषणा अभी नहीं की गई है। बताया जा रहा है कि प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी जानकारी दी जा सकती है। एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा अपनी नियुक्ति वाले दिन से तीन सालों तक सीईओ के तौर पर कार्यभार संभालेंगे। इस साल ही वो अप्रैल में भारतीय वायुसेना में सेवा देने के लिए आए थे।
ऑपरेशन सिंदूर-कारगिल युद्ध में निभा चुके हैं मुख्य भूमिका
एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा ने 38 सालों तक वायुसेना में अपनी सेवाएं दी है। वो लड़ाकू विमान में पायलट, कॉम्बैट इंस्ट्रक्टर और टेस्ट पॉयलट के तौर पर भी काम कर चुके हैं। इसके अलावा मिश्रा पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर साल 1999 में कारगिल युद्ध में भी खास भूमिका निभा चुके हैं।
जितेंद्र मिश्रा उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के रहने वाले हैं। वह एनडीए खड़कवासला के छात्र भी रह चुके हैं। उनके पास पूर्व एयर मार्शल के पास 3 हजार घंटों से ज्यादा उड़ान का अनुभव है। मिश्रा सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल से सम्मानित है।
मंदिर की संभालेंगे ये जिम्मेदारी
मंदिर के सीईओ के तौर पर जितेंद्र को प्रशासनिक, वित्तीय और कानूनी प्रबंधन का जिम्मा संभालना पड़ेगा। सीईओ पद के लिए ट्रस्ट के द्वारा तीन सदस्यों की कमेटी बनाई गई थी। कमेटी में रिटायर्ड जस्टिस प्रमोद कोहली, विष्णुकांत चतुर्वेदी और सुरेश हावड़े भी शामिल थे।
बता दें कि इस साल जून-जुलाई में राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला सामने आया था। इस दौरान पुलिस के द्वारा 8 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया था। इसके बाद ट्रस्ट ने अनिल मिश्रा और चंपत राय को निकाल दिया था। चोरी का मामला सामने आने के बाद ही ट्रस्ट की व्यवस्थाओंमें जरुरी बदलाव लाने की बोला जा रहा था।