अमृतसरः खालसा यूनिवर्सिटी में पहला मिलिट्री लिटरेचर फेस्टिवल आयोजित किया गया। मिलिट्री लिटरेचर फेस्टिवल एसोसिएशन के चेयरमैन और रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल टीएस शेरगिल ने कहा कि फेस्टिवल का मुख्य मकसद युवाओं तक देशभक्ति, राष्ट्रवाद और पंजाबियत का संदेश पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रवाद का सबसे बड़ा उदाहरण भारतीय सेना है। सेना में धर्म, जाति या किसी अन्य तरह का भेदभाव नहीं देखा जाता और सभी सैनिक देश के लिए मिलकर लड़ते हैं।
लेफ्टिनेंट जनरल शेरगिल ने कहा कि आज के समय में बच्चों के पास यूट्यूब और अन्य ऑनलाइन साधन तो हैं, लेकिन उन्हें लोगों से सीधे बातचीत करने के मौके कम ही मिलते है। इसलिए फेस्टिवल के जरिए उन्हें देश, पंजाब और सेना से जुड़े विभिन्न पहलुओं के बारे में जानकारी देने की कोशिश की जा रही है।
सीमावर्ती इलाकों में ड्रोन के जरिए हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी के बारे में उन्होंने कहा कि यह एक बड़ी चुनौती है और इससे निपटने के लिए आधुनिक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करना होगा। उनके अनुसार सीमा पर इलेक्ट्रॉनिक रूप से ड्रोन की पहचान करके उन्हें रोकने के लिए एक मजबूत सिस्टम बनाने की जरूरत है। साथ ही उन्होंने केंद्र और पंजाब सरकारों से सीमावर्ती जिलों के लिए विशेष आर्थिक पैकेज देने की अपील की। उन्होंने कहा कि पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, फिरोजपुर और फाजिल्का जैसे सीमावर्ती जिलों को 10 साल के लिए टैक्स-फ्री किया जाना चाहिए ताकि इन इलाकों में छोटे और मध्यम उद्योगों को बढ़ावा मिले और रोजगार के अवसर बढ़ें।