मुरादाबादः जिले के ठाकुरद्वारा इलाके में आदमखोर तेंदुए का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। तेंदुआ अब तक तीन महिलाओं और एक पुरुष समेत चार लोगों की जान ले चुका है। ताजा घटना बहापुर बलिया गांव की है, जहां तेंदुआ रात में घर के आंगन में सो रहे 38 वर्षीय जगराम को उठाकर ले गया। सुबह उसका शव घर से करीब 50 मीटर दूर गन्ने के खेत में मिला।
घर के आंगन से जगराम को उठा ले गया तेंदुआ
जानकारी के मुताबिक, जगराम ई-रिक्शा चलाता था और अपने बच्चों के साथ गांव में रहता था। उसकी पत्नी की पहले ही मौत हो चुकी है। बीती रात जगराम अपने घर के आंगन में चारपाई पर सो रहा था। रात में किसी समय तेंदुआ घर में घुस आया और चारपाई पर सो रहे जगराम को उठाकर ले गया। परिवार को इसकी जानकारी सुबह हुई, जब उन्होंने जगराम को घर में नहीं देखा।
गन्ने के खेत में मिला शव
परिवार और गांव के लोगों ने जगराम की तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बाद घर से करीब 50 मीटर दूर गन्ने के खेत में उसका शव मिला। ग्रामीणों के मुताबिक, तेंदुए ने जगराम की गर्दन पर हमला किया था और उसके शरीर के कंधे व पसलियों के आसपास का हिस्सा भी खाया था। शव की हालत देखकर परिवार और ग्रामीणों में दहशत और बढ़ गई।
तीन दिन पहले महिला को बनाया था शिकार
इस गांव में तेंदुए के हमले की यह दूसरी बड़ी घटना है। सिर्फ तीन दिन पहले इसी गांव की रहने वाली मिथलेश देवी पर तेंदुए ने हमला कर दिया था। मिथलेश देवी अपने परिवार और गांव के कुछ लोगों के साथ खेत में निराई करने गई थीं। इसी दौरान तेंदुए ने अचानक हमला कर उन्हें उठा लिया। महिला को बचाने के लिए लोगों ने शोर मचाया और लाठी-डंडे लेकर तेंदुए का पीछा किया। लोगों के पीछे आने पर तेंदुआ महिला को खेत में छोड़कर भाग गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
अब तक चार लोगों की जान ले चुका तेंदुआ
वन विभाग और ग्रामीणों के मुताबिक, ठाकुरद्वारा तहसील के आसपास के गांवों में तेंदुए का आतंक काफी समय से बना हुआ है। अब तक तेंदुआ तीन महिलाओं और एक पुरुष समेत चार लोगों को अपना शिकार बना चुका है। लगातार हो रहे हमलों के कारण करीब आधा दर्जन गांवों के लोग डर के माहौल में जी रहे हैं। ग्रामीणों में तेंदुए को लेकर डर के साथ-साथ काफी गुस्सा भी है।
ग्रामीणों में बढ़ रहा आक्रोश
मिथलेश देवी की मौत के बाद गांव में लोगों का गुस्सा काफी बढ़ गया था। लोगों ने तेंदुए को पकड़ने और सुरक्षा के इंतजाम करने की मांग की थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को समझाया और स्थिति को शांत कराया था। ग्रामीणों का कहना है कि अगर जल्द से जल्द तेंदुए को नहीं पकड़ा गया तो वह और लोगों को अपना शिकार बना सकता है।