ऊना,सुशील पंडित: जिला ऊना के गांव समूर कलां स्थित श्री कृष्ण गोपाला गौशाला में गायों और बछड़ों की संख्या अब लगभग 125 तक पहुंच गई है। इतनी बड़ी संख्या में गोवंश का पालन-पोषण और उनकी देखभाल करना आसान काम नहीं है। गौशाला में प्रतिदिन गायों के चारे, पानी, स्वास्थ्य और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का प्रबंध सामूहिक प्रयासों से किया जा रहा है।
गांव के प्रधान एवं गौशाला के प्रधान मनोहर लाल शर्मा ने बताया कि श्री कृष्ण गोपाला गौशाला के सुचारू संचालन के लिए एक कमेटी का गठन किया गया है। कमेटी के सदस्य मिलकर गौशाला की तमाम व्यवस्थाओं को संभाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि करीब 125 गोवंश की रोजाना देखभाल अपने आप में बड़ी जिम्मेदारी है। गायों के लिए पर्याप्त चारे की व्यवस्था करने के साथ-साथ किसी पशु के बीमार होने पर दवाइयों और उपचार का प्रबंध भी करना पड़ता है।
कमेटी सदस्य तन-मन-धन से कर रहे गोसेवा मनोहर लाल शर्मा ने बताया कि गौशाला के संचालन में राजिंदर कुमार, डॉ. विनोद कुमार, मनोहर लाल शर्मा, कपिल देव, विजय कुमार, विनोद कुमार मास्टर, राम प्रसाद, विजय कुमार चताड़ा, नरेंद्र कुमार डांगेड़ा, राम प्रसाद छिंजू, विनोद कुमार, अरविंद कुमार, राम देव और अरुण कुमार का सराहनीय योगदान रहता है। सभी कमेटी सदस्य तन, मन और धन से गोसेवा में तत्पर रहते हैं और गौशाला की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए मिलकर कार्य कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में गोवंश की सेवा किसी एक व्यक्ति के लिए संभव नहीं है। कमेटी के सभी सदस्यों के सामूहिक प्रयासों से ही श्री कृष्ण गोपाला गौशाला का संचालन सुचारू रूप से हो पा रहा है।
सरकार से मिलती है 1200 रुपये प्रति गाय मासिक सहायता
मनोहर लाल शर्मा ने बताया कि गौशाला के संचालन के लिए सरकार की ओर से प्रति गाय 1200 रुपये प्रतिमाह की सहायता राशि मिलती है। उन्होंने इस सहायता के लिए सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि चारे, दवाइयों और अन्य खर्चों को देखते हुए यह राशि पर्याप्त नहीं है। उन्होंने सरकार से प्रति गाय मिलने वाली सहायता राशि में बढ़ोतरी करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि गौशालाओं में किसी भी प्रकार की बीमारी फैलने की स्थिति में पशुओं के इलाज का खर्च सरकार को वहन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि लम्पी जैसी बीमारी के समय सरकार को पशु चिकित्सकों की विशेष टीमें गठित कर गौशालाओं में भेजनी चाहिए और पशुओं के उपचार व दवाइयों का खर्च सरकारी स्तर पर उपलब्ध करवाना चाहिए।
26 जनवरी और 15 अगस्त पर गौशाला संचालकों को किया जाए सम्मानित
मनोहर लाल शर्मा ने मांग की कि 26 जनवरी और 15 अगस्त जैसे सरकारी समारोहों में बेहतर ढंग से गौशालाओं का संचालन करने वाले संचालकों और कमेटी सदस्यों को सम्मानित किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी गौशालाओं का समय-समय पर निरीक्षण कर उत्कृष्ट कार्य करने वाली गौशालाओं को सम्मानित करने से गोसेवा में जुटे लोगों का उत्साह बढ़ेगा।
गौशाला में चारे की व्यवस्था को लेकर मनोहर लाल शर्मा ने बताया कि गौशाला से लगती जमीन को किराए पर लेकर वर्षभर हरा चारा उगाया जाता है। साथ लगती सैकड़ों कनाल जमीन पर हरे चारे की व्यवस्था की जाती है। इसके अलावा जरूरत के अनुसार अन्य लोगों से भी हरा चारा खरीदा जाता है, ताकि गायों और बछड़ों के चारे में किसी प्रकार की कमी न रहे।
उन्होंने कहा कि गोसेवा सामूहिक जिम्मेदारी है और श्री कृष्ण गोपाला गौशाला की कमेटी के सभी सदस्य पूरी निष्ठा के साथ इस जिम्मेदारी को निभा रहे हैं। उनका प्रयास है कि गौशाला में रह रहे प्रत्येक गोवंश को पर्याप्त चारा, पानी और समय पर उपचार की सुविधा उपलब्ध हो सके।