चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने पात्र लाभार्थियों की पहचान को अधिक सटीक, पारदर्शी और जन-केंद्रित बनाने के लिए जमीनी स्तर पर व्यापक सत्यापन अभियान शुरू किया है। इस पहल में ग्राम सभा को सत्यापन प्रक्रिया के केंद्र में रखा गया है, ताकि सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से संबंधित आंकड़ों का जमीनी स्तर पर सत्यापन हो सके और ग्रामीण समुदाय भी परिवारों की वास्तविक स्थिति निर्धारित करने में सक्रिय भूमिका निभा सके।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने उच्चस्तरीय बैठक में ग्राम सभा मॉड्यूल के माध्यम से ग्रामीण परिवारों के सत्यापन की प्रगति की समीक्षा की। नागरिक संसाधन सूचना विभाग के आयुक्त एवं सचिव जे. गणेशन ने बताया कि ग्राम सभा मॉड्यूल के माध्यम से ग्रामीण परिवारों की व्यापक जानकारी का सत्यापन किया जा रहा है। इसमें परिवार की संरचना, अंत्योदय अन्न योजना (एएवाई) के लाभार्थी, पारिवारिक आय, कच्ची छत की स्थिति तथा परिवार के सदस्यों के व्यवसाय से संबंधित जानकारी शामिल है। इस एकीकृत प्रक्रिया से परिवारों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति की अधिक सटीक तस्वीर सामने आएगी और कल्याणकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में मदद मिलेगी।
यह अभियान ग्राम सभाओं के माध्यम से उन लंबित मामलों के सत्यापन के निर्णय के बाद शुरू किया गया है, जिनमें लगभग 1.66 लाख परिवारों की आय के सत्यापन की आवश्यकता सामने आई थी। इसके बाद इस प्रक्रिया का दायरा बढ़ाते हुए 1.80 लाख रुपये से कम वार्षिक आय वाले ग्रामीण परिवारों को भी इसमें शामिल किया गया है। सरकार ने सत्यापन प्रक्रिया की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए मजबूत निगरानी व्यवस्था भी की है। जिला परिषदों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ), अतिरिक्त उपायुक्तों (एडीसी), राजपत्रित अधिकारियों, सीआरआईडी अधिकारियों तथा ग्राम सचिवों को विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
नागरिक संसाधन सूचना विभाग के अतिरिक्त सचिव शाश्वत सांगवान तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित रहे। सभी उपायुक्त और जिला परिषदों के सीईओ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।