चंडीगढ़: अपने कर्मचारियों की शिकायतों और समस्याओं के समाधान के प्रति भगवंत मान सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा, जो कर्मचारियों के मुद्दों के समाधान के लिए गठित कैबिनेट सब-कमेटी के अध्यक्ष भी हैं, ने आज कई कर्मचारी यूनियनों के साथ लगातार विस्तृत बैठकें कीं। ये बैठकें उनके कार्यालय में हुईं और करीब तीन घंटे तक चलीं।
यूनियनों द्वारा उठाई गई विभिन्न चिंताओं को ध्यानपूर्वक सुनते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने यूनियन नेताओं को भरोसा दिलाया कि भगवंत मान सरकार कर्मचारियों के मुद्दों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है और अधिकांश प्रमुख मांगों पर कार्रवाई पहले ही प्रक्रिया के अधीन है। इन विस्तृत विचार-विमर्श के दौरान वित्त मंत्री चीमा ने ज्वाइंट एक्शन कमेटी ऑफ वेट्स फॉर पे-पैरिटी, पंजाब रोडवेज पनबस/पी.आर.टी.सी. कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन, पंजाब रोडवेज (पनबस) स्टेट ट्रांसपोर्ट वर्कर्स यूनियन, ए.आई.ई. कच्चा टीचर यूनियन, यूनाइटेड फिजिकल एजुकेशन ऑफ पंजाब, बेरोजगार सांझा मोर्चा तथा पुनर्बहाल कच्चा टीचर यूनियन के प्रतिनिधिमंडलों के साथ बातचीत की।

बैठक में ज्वाइंट एक्शन कमेटी ऑफ वेट्स फॉर पे-पैरिटी की ओर से डॉ. पुनीत मल्होत्रा, डॉ. अब्दुल मजीद, डॉ. गुरदीप सिंह क्लेर, डॉ. हरमनदीप सिंह और डॉ. राजिंदर सिंह शामिल हुए। पंजाब रोडवेज पनबस/पी.आर.टी.सी. कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन की ओर से रेशम सिंह गिल, शमशेर सिंह, हरकेश कुमार, रोही राम, बलजीत सिंह, बलविंदर सिंह रथ, जगजीत सिंह और जतिंदर सिंह ने प्रतिनिधित्व किया।

इन विचार-विमर्श में बेरोजगार सांझा मोर्चा की ओर से रमन कुमार मलोट, अमनदीप सिंह, सुखविंदर सिंह, संदीप मोफर और हरजिंदर सिंह तथा पुनर्बहाल कच्चा टीचर यूनियन की ओर से विकास साहनी, लखविंदर कौर और वरुण खेड़ा भी शामिल हुए।