फरीदकोटः हरियाणा के सतलोक आश्रम के बाबा रामपाल का साहित्य बांटने को लेकर मनप्रीत सिंह खालसा और महिलाओं में विवाद हो गया। दरअसल, घर-घर जाकर 20-20 रुपये में किताबें बेच रहीं महिलाओं को निहंग मनप्रीत सिंह खालसा ने अपने साथियों के साथ मिलकर रोक लिया। निहंग ने पंजाब में रामपाल का साहित्य बांटने से रोका, जिसके बाद दोनों पक्षों में तीखी बहस हो गई। उधर, महिला ने भी निहंग मनप्रीत खालसा को दो टूक कह दिया कि धर्म का प्रचार तो कोई कहीं भी कर सकता है। महिला के जवाब पर तिलमिलाए निहंग मनप्रीत सिंह खालसा ने उन्हें चेतावनी देते हुए कहा कि पंजाब में ढोंगी और पाखंडियों का प्रचार करके दिखाओ, तो महिलाओं ने कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि तुम किस-किस को रोकोगे? इस विवाद का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
निहंग मनप्रीत खालसा का कहना है कि ये जिसका प्रचार कर रहे हैं, ठीक वैसे ही कर रहे हैं जैसे चर्च वाले करते हैं। औरतों को आगे कर प्रचार के लिए भेजा जा रहा है। तुम खुद सिख परिवारों से हो, फिर भी ऐसा काम कर रही हो। मनप्रीत खालसा का कहना है कि पंजाब में इस समय नशे का भयानक दौर चल रहा है। हमारी पूरी जवानी को नशे ने खा लिया है। क्या तुमने कभी नशे के खिलाफ कोई प्रचार किया? कोई लिटरेचर बांटा? पंजाब में इतना पाखंड और लचरता फैली हुई है, कभी इस पर आवाज उठाई?
मनप्रीत सिंह खालसा का कहना है कि इस बाबा के पास एक 80 साल का बुजुर्ग गया। उसने रामपाल के पास जाकर कहा कि उसे गुरु गोबिंद सिंह जी ने सपने में आकर रामपाल के चरणों में जाने को कहा। इसका सीधा मतलब यह है कि तुम लोग इसे श्री गुरु गोबिंद सिंह जी से भी ऊपर साबित करने की कोशिश कर रहे हो। मनप्रीत सिंह खालसा ने कहा कि ये दुराचारी का प्रचार कर रहे हैं और उसे प्रमोट कर रहे हैं। ये महिलाएं मिलकर यह काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि इन्हें विरोध करना चाहिए था, लेकिन वो प्रचार कर रही हैं।
मनप्रीत सिंह खालसा ने महिलाओं से सवाल किया कि क्या तुम यह काम करने के लिए पैसे लेती हो? तुम मेरी बहन हो, यह काम तुम्हारे लिए अच्छा नहीं है। तुम्हें पंजाब को बचाना चाहिए। हम पंजाब के पानी और हक के लिए लड़ रहे हैं और तुम यहां 20-20 रुपये में किताबें बेच रही हो। यह 20 रुपये तो सिर्फ एक बहाना है, असली मकसद तो प्रचार करना है। निहंग मनप्रीत खालसा ने कहा कि तुम सिख परिवारों को रामपाल का साहित्य बांट रही हो। अगर देना ही है तो सिख परिवारों को श्री गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज और छोटे साहिबजादों का इतिहास व लिटरेचर दो। हिंदुओं को उनके धर्म ग्रंथों का साहित्य दो, ताकि सब अपने-अपने धर्म में पक्के रहें। पंजाब की धरती पर हम ऐसा पाखंड बिल्कुल होने नहीं देंगे।