ग्रामीणों ने सरकार से पुलिया का निर्माण कराने की मांग की
गुरदासपुरः भारत-पाकिस्तान सीमा के आखिरी गांव चौंतरा में नोमनी नाले की सफाई न होने और नाले पर बना पुल जमीन में धसे होने के कारण पानी पुल के ऊपर से बह रहा है। इसके चलते लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। कई दिनों से बच्चों का स्कूल-कॉलेज जाना बंद है। वहीं इस पुल के कारण बीएसएफ के जवानों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
देश को आजाद हुए 80 साल का समय हो चुका है। जहां एक तरफ विकास के लिए लोगों को अलग-अलग सुविधाएं दी जा रही हैं, वहीं भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे कुछ ऐसे गांव भी हैं, जहां के लोग आज भी खुद को पूरी तरह आजाद महसूस नहीं कर पा रहे हैं।
लगातार हो रही बारिश के बाद नोमनी नाले की सफाई न होने और अवैध कब्जों के कारण नाले का पानी बाहर आ जाता है। इसके चलते पुल के ऊपर से गुजरने वाला एकमात्र रास्ता, जो सीमावर्ती गांव चौंतरा-सलाच को जोड़ता है और आगे बीएसएफ की पोस्टों तक जाता है, वह भी बंद हो जाता है।
पिछले कई दिनों से लगातार हुई बारिश के बाद नोमनी नाले का पानी बाहर आने से चौंतरा गांव को जाने वाले रास्ते पर पुल के ऊपर तीन से चार फीट तक पानी जमा है। इसके कारण बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। वहीं अगर कोई व्यक्ति बीमार हो जाए तो उसे भी कई किलोमीटर घूमकर जाना पड़ता है। इससे ग्रामीणों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है।
सीमावर्ती गांव चौंतरा, सलाच, चकरी और वजीरपुर के लोगों ने मांग की है कि सरकार इस पुलिया का निर्माण ऊंचा करवाए, ताकि बारिश के दिनों में बच्चों को स्कूल जाने में परेशानी न हो और किसी बीमार व्यक्ति को भी समय पर इलाज के लिए ले जाया जा सके।
ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर आकर उनकी सुध नहीं लेते। इसी कारण ग्रामीणों ने सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द इस पुलिया का निर्माण ऊंचा करवाया जाए, ताकि उन्हें रोजमर्रा की परेशानियों से राहत मिल सके और वे सामान्य जीवन जी सकें।