ऊना,सुशील पंडित: हिमाचल प्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग ने पिछले डेढ़ वर्ष में अनुसूचित जाति समुदाय के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा, भेदभाव एवं उत्पीड़न के मामलों में त्वरित हस्तक्षेप तथा पात्र लोगों तक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर विशेष जोर दिया है। आयोग के अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री कुलदीप कुमार ने बुधवार को ऊना के रामपुर स्थित आयोग कार्यालय में प्रेस वार्ता में आयोग की कार्य अवधि की उपलब्धियों को साझा करते हुए कहा कि आयोग का प्रयास है कि कोई भी व्यक्ति अपने संवैधानिक अधिकारों से वंचित न रहे और अन्याय की स्थिति में उसे समय पर न्याय मिले।
उन्होंने अनुसूचित जाति समुदाय के अधिकारों के संरक्षण और कल्याण के लिए आयोग को दिए जा रहे। मार्गदर्शन एवं निरंतर सहयोग के लिए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू का आभार जताया। प्रेस वार्ता में आयोग के सदस्य डॉ. विजय डोगरा, कुमारी शालिनी जमवाल तथा सदस्य सचिव विश्रुत भारती भी उपस्थित रहे।
कुलदीप कुमार ने कहा कि अनुसूचित जाति समुदाय से जुड़े उत्पीड़न, भेदभाव, छुआछूत, जाति के आधार पर भूमि विवाद अथवा अन्य अधिकारों से संबंधित मामले आयोग के संज्ञान में आने पर तत्काल कार्रवाई की गई। आयोग ने संबंधित विभागों एवं जिला प्रशासन से रिपोर्ट तलब करने के साथ आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए, ताकि मामलों के निपटारे की प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके और पीड़ितों को समयबद्ध राहत मिल सके।
उन्होंने कहा कि आयोग की भूमिका केवल शिकायतों के निवारण तक सीमित नहीं है। समुदाय को उसके संवैधानिक अधिकारों, सरकारी कल्याणकारी योजनाओं और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी देना तथा पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ दिलाना भी आयोग की प्राथमिकताओं में शामिल है।
प्रदेशभर में चलाए जागरूकता अभियान
कुलदीप कुमार ने कहा कि जानकारी के अभाव में कई पात्र लोग सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं उठा पाते। इसे ध्यान में रखते हुए आयोग ने प्रदेशभर में जागरूकता शिविरों की श्रृंखला शुरू की है। इन शिविरों के माध्यम से लोगों को उनके संवैधानिक अधिकारों, विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं, पात्रता की शर्तों और उपलब्ध लाभों की जानकारी दी जा रही है।
उन्होंने बताया कि आयोग ने अनुसूचित जाति समुदाय के संवैधानिक अधिकारों एवं कल्याणकारी योजनाओं से संबंधित विशेष जागरूकता सामग्री भी तैयार की है, ताकि लोगों को उनके अधिकारों और सरकारी सुविधाओं की जानकारी सरल एवं सहज भाषा में मिल सके। इस सामग्री का मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू द्वारा विमोचन भी किया गया था।
प्रशासन के साथ समीक्षा बैठकों से मामलों के निपटारे पर जोर
उन्होंने बताया कि आयोग प्रदेश के विभिन्न जिलों में जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों के साथ समीक्षा बैठकें भी आयोजित कर रहा है। इन बैठकों में अनुसूचित जाति समुदाय से जुड़े मामलों, उनके अधिकारों की स्थिति तथा विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की जाती है। संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर मामलों के समयबद्ध निपटारे तथा पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर विशेष जोर दिया जाता है।
कुलदीप कुमार ने कहा कि आयोग का प्रयास अधिकारों की रक्षा, शिकायतों के निवारण और कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, इन तीनों स्तरों पर व्यवस्था को मजबूत करना है।
स्कॉच अवार्ड-2026 के सेमीफाइनल में पहुंचा आयोग
कुलदीप कुमार ने बताया कि अनुसूचित जाति समुदाय के कल्याण के लिए आयोग द्वारा किए जा रहे कार्यों को राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली है। आयोग स्कॉच अवार्ड-2026 के सेमीफाइनल में पहुंचा है। उन्होंने कहा कि यह अनुसूचित जाति समुदाय के अधिकारों के संरक्षण, कल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा पात्र लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की महत्वपूर्ण पहचान है।
उन्होंने बताया कि उन्होंने शिमला में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से भेंट कर आयोग की इस उपलब्धि से उन्हें अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने आयोग के अध्यक्ष, सदस्यों एवं अधिकारियों के प्रयासों की सराहना की तथा सामाजिक न्याय से जुड़ी पहलों को और मजबूत करने एवं अनुसूचित जाति समुदाय के लिए संचालित कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने पर बल दिया।
ऊना में बनेगा आयोग का स्थायी भवन
कुलदीप कुमार ने कहा कि राज्य अनुसूचित जाति आयोग के राज्य स्तरीय कार्यालय को शिमला से ऊना लाना भी महत्वपूर्ण पहल रही है। अब ऊना में आयोग के स्थायी भवन के निर्माण की प्रक्रिया भी आगे बढ़ चुकी है। उन्होंने बताया कि रामपुर-हरोली पुल के समीप 12 कनाल भूमि चिन्हित कर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के नाम हस्तांतरित कर दी गई है। भवन निर्माण के लिए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू द्वारा दो करोड़ रुपये उपलब्ध करवाए गए हैं। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया।
उन्होंने बताया कि लोक निर्माण विभाग के आर्किटेक्ट को भवन का नक्शा तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं तथा जल्द ही भवन के शिलान्यास की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। उन्होंने कहा कि ऊना में आयोग का अपना स्थायी भवन बनने से राज्य स्तरीय आयोग की कार्यप्रणाली को और मजबूती मिलेगी तथा प्रदेशभर से आने वाले लोगों को आयोग की सेवाओं तक बेहतर पहुंच उपलब्ध होगी।
19 अगस्त, 2024 को हुआ था आयोग का गठन, 13 दिसंबर को रामपुर में स्थापित हुआ था कार्यालय
कुलदीप कुमार ने बताया कि हिमाचल प्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग का गठन 19 अगस्त, 2024 को किया गया था तथा 13 दिसंबर, 2024 को ऊना में आयोग के कार्यालय का विधिवत उद्घाटन कर कार्य आरंभ किया गया। उन्होंने कहा कि आयोग ने संवैधानिक अधिकारों के संरक्षण, मामलों में त्वरित हस्तक्षेप, जनजागरूकता, प्रशासनिक समीक्षा तथा कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए निरंतर कार्य किया है।
उन्होंने कहा कि आयोग आगे भी अनुसूचित जाति समुदाय के अधिकारों की रक्षा, उनके कल्याण तथा पात्र लोगों तक सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करता रहेगा।