हड़ताल में एक विद्यार्थी की तबियत बिगड़ी जिसे ऊना अस्पताल ले जाना पड़ा बावजूद इसके नींद से नहीं जागा महाविद्यालय प्रबंधन – आदित्य राणा
ऊना,सुशील पंडित: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ऊना इकाई की क्रमिक भूख हड़ताल आज दूसरे दिन भी जारी रही। जिसमें अचानक एक छात्र की तबियत बिगड़ गयी जिसे ऊना अस्पताल में उपचार देने के बाद छुट्टी दे दी गयी |
विद्यार्थी परिषद के जिला संयोजक आदित्य राणा ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि हाल ही में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय द्वारा भारी भरकम फीस वृद्धि छात्रों के ऊपर थोपी है। जिससे छात्र पहले ही परेशान हैं जो पुनर्मूल्यांकन की फीस पहले 300 रूपये लगती थी। वो बढ़ा कर 1000 रूपये कर दी गयी है,जो माईग्रेशन की फीस पहले 400 रुपये लगती थी। वो अब 800 रुपये हो गयी है इसी तरह जो करेक्शन फीस 600 थी वो अब 1200 व सेंटर बदलने की फीस 2000 से बढ़ा कर 4000 व गोल्डन चांस की फीस 10000 से बढ़ा कर 50000 कर दी गयी है छात्र इस फीस वृद्धि से पहले ही परेशान हैं |
ऐसे में ऊना महाविद्यालय द्वारा भी हिटलरशाही व्यवस्था अपनाते हुए सेल्फ फाइनेंस कोर्सेज की फीस में बढ़ोतरी की गयी है। जो सेल्फ फाइनेंस फीस पहले 4500 रुपये थी। वो सीधे बढ़ा कर 9000 रुपए कर दी गयी है जो तर्कसंगत नहीं है |
उन्होंने ने कहा कि इससे पहले भी ऊना इकाई 31 जुलाई को प्रधानाचार्य से मिलकर उन्हें फीस वृद्धि व अन्य मांगों को लेकर ज्ञापन पत्र सौंप चुकी है व धरना प्रदर्शन भी महाविद्यालय में कर चुकी है पर ऊना महाविद्यालय प्रशासन अभी भी गहरी नींद में सोया है व इन मांगों के ऊपर कार्यवाही नहीं कर रहा उन्होंने कहा कि जल्द से जल्द ऊना महाविद्यालय प्रशासन फीस वृद्धि के फैसले को वापिस ले या उसमें आंशिक रूप से कमी करे। क्योंकि जो फीस वृद्धि महाविद्यालय प्रबंधन द्वारा की गयी है वो छात्रों व उनके अभिवावकों पर अतिरिक्त बोझ है |
साथ ही अन्य मांगों पर भी महाविद्यालय प्रबंधन जल्द कोई निर्णय ले नहीं तो आने वाले समय में इस आंदोलन को और तेज़ किया जाएगा जिसकी ज़िम्मेदारी महाविद्यालय प्रबंधन की होगी |