जालंधर, ENS: फिल्लौर का 30 वर्षीय राकेश कुमार अपने और अपने परिवार का भविष्य संवारने के लिए एजेंट के ज़रिए लाखों रुपये खर्च करके विदेश की धरती पर पहुंचा, जहां एक गिरोह ने उसे किडनैप कर लिया है और उसे छोड़ने के लिए 70 हजार डॉलर (58 लाख रुपए) की मांग की। परिवार अपने बेटे को घर वापस लाने के लिए सरकार से गुहार लगा रहा है। इस मामले को लेकर पीड़ित नौजवान के परिवार ने लाखों रुपये लेकर विदेश भेजने वाले उक्त ट्रैवल एजेंट और उसके साथियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने और उनके बेटे को भारत वापस लाने के लिए एक लिखित शिकायत दर्ज करवाई है। वहीं पुलिस ने ट्रैवल एजेंट के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
इस मामले की खबर मिलते ही आम आदमी पार्टी हल्का फिल्लौर के पूर्व इंचार्ज प्रिंसिपल प्रेम कुमार भी पीड़ित परिवार के घर पहुंच गए और परिवार को विश्वास दिलाया कि वे उनके बेटे को सही सलामत भारत ले आएंगे और उक्त एजेंट पर कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई करवाएंगे। मामले संबंधी जानकारी देते हुए पीड़ित नौजवान राकेश कुमार के पिता कश्मीर लाल निवासी गांव भैणी ने बताया कि उसने अपने 30 साल के बेटे राकेश कुमार को उसके सुनहरे भविष्य के लिए विदेश भेजने का फैसला लिया था, जिसके संबंध में उन्होंने इटली में रहने वाले परमजीत सिंह और गांव भारसिंहपुर की रहने वाली एक महिला के साथ संपर्क किया।
उन्होंने उसके बेटे राकेश को इटली भेजने के लिए 9 लाख 50 हजार रुपये में सौदा तय कर लिया और उक्त एजेंटों ने कहा कि वे पहले राकेश को केन्या देश भेजेंगे और केन्या से ही उसकी फ्लाइट इटली की करवाई जाएगी। बातचीत के उपरांत 2 लाख की पेशगी राशि गांव भार सिंहपुर की रहने वाली महिला के भाई को उनके गांव जाकर दे दी गई और बाकी राशि इटली पहुंचने पर अदा करने की बात तय हो गई। उसके बाद उक्त एजेंटों ने 5 अगस्त को जयपुर से उसके बेटे राकेश की फ्लाइट केन्या की करवाई, जिसका दुबई में स्टे भी था।
केन्या पहुंचते ही वहां के एक गिरोह ने मेरे बेटे और उसके साथ 2 अन्य पंजाबी साथियों को बंधक बना लिया और उनकी बुरी तरह पिटाई करने के उपरांत 6 अगस्त को व्हाट्सएप के माध्यम से पिटाई के वीडियो भेज दिए और फोन कॉल करके राकेश को छोड़ने के लिए 70 हजार डॉलर 5 घंटे के अंदर अदा करने की मांग कर दी। उन्होंने बताया कि उक्त अपहरणकर्ता जो अपने आप को खान बाबा बता रहा था और पंजाबी भाषा में बातचीत कर रहा था। फिर लगातार उक्त खान बाबा द्वारा अंग्रेजी भाषा में उसे मैसेज करने शुरू कर दिए और बताया कि उनका बेटा राकेश इस वक्त युगांडा में है, जिसे छुड़ाने के लिए 70 हजार डॉलर 5 घंटे के अंदर भेजे जाएं।
कश्मीर लाल ने बताया कि उक्त खान बाबा से उनकी सिर्फ 7 अगस्त तक बात हुई थी, जिसका कहना था कि उन्होंने परमजीत सिंह से पैसे लेने हैं, जिस कारण ही उन्होंने राकेश को अगवा किया है। यदि परमजीत उसके पैसे दे देता है तो वह राकेश को छोड़ देंगे। उन्होंने बताया कि उक्त खान बाबा के अभी तक मैसेज उनके व्हाट्सएप पर आ रहे हैं। इस मामले संबंधी जब उन्होंने परमजीत सिंह और उसकी साथी से बातचीत की तो उन्होंने आगे कहा कि वह खान बाबा से बातचीत करके उनके बेटे राकेश को छुड़वा देंगे, यदि वह राकेश को इटली न पहुंचा सके तो उनकी रकम वापस कर देंगे। पर अब उक्त एजेंट परमजीत सिंह द्वारा उनका फोन अटेंड ही नहीं किया जा रहा है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि उक्त एजेंटों पर कानूनी कार्रवाई की जाए और उनके बेटे राकेश को सही सलामत वापस भारत लाया जाए।