फिरोजपुरः पंजाब में 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस समारोह को लेकर पुलिस द्वारा राज्य भर में चौकसी बढ़ा दी गई है। लेकिन खालिस्तान समर्थक संगठन सिख्स फॉर जस्टिस की ओर से लगातार माहौल खराब करने की योजना बनाई जा रही है। यही कारण है कि खालिस्तानी गुरपतवंत सिंह पन्नू द्वारा एक सप्ताह में दूसरी बार राज्य के दूसरे शहर में खालिस्तान समर्थक नारे लिखे जाने का वीडियो जारी किया गया है। दरअसल, हाल ही में जालंधर के देहात में पन्नू द्वारा स्कूल की दीवार पर खालिस्तानी समर्थक नारे लिखे जाने का मामला सामने आया था। जिस पर कालिख पोत कर पुलिस द्वारा हटा दिया गया था।
वहीं अब फिरोजपुर में दीवारों पर खालिस्तानी समर्थक नारे लिखने की घटना सामने आई है। गुरपतवंत सिंह पन्नू ने मीडिया को ई-मेल के माध्यम से यह वीडियो भेजा है। वीडियो में फिरोजपुर कैंट रेलवे स्टेशन, केंद्रीय जेल, ऐतिहासिक दिल्ली गेट, एसबीएस यूनिवर्सिटी और मेरिटोरियस स्कूल समेत कुछ प्रमुख स्थानों पर दीवारों पर आपत्तिजनक और खालिस्तान समर्थक नारे लिखे दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, इन नारों को कब और किसने लिखा, इसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। पन्नू की ओर से जारी वीडियो संदेश में फिरोजपुर के लोगों से 15 अगस्त को मुख्यमंत्री भगवंत मान के कार्यक्रम में बच्चों को नहीं भेजने की अपील की गई है।
संदेश में 1995 में तत्कालीन मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या करने वाले दिलावर सिंह बब्बर का भी उल्लेख किया गया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान की मौजूदगी में 15 अगस्त का जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह प्रस्तावित है। ऐसे में सार्वजनिक और सरकारी प्रतिष्ठानों पर इस तरह के नारे लिखे जाने संबंधी वीडियो सामने आने के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, इस मामले में फिलहाल पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। न ही पुलिस ने वीडियो में दिखाई जा रही जगहों पर लिखे नारों की आधिकारिक पुष्टि की है।
पुलिस की जांच और आधिकारिक प्रतिक्रिया के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वीडियो कब का है और इसमें दिखाई गई घटनाएं वास्तविक रूप से कब हुईं। प्रशासन की ओर से स्वतंत्रता दिवस समारोह को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखने की तैयारी की जा रही है। सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से सामने आ रही ऐसी सामग्री पर सुरक्षा एजेंसियों की नजर होने की बात कही जा रही है, लेकिन इस विशेष वीडियो को लेकर अधिकारियों की ओर से अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।