सुरक्षा को लेकर उठे सवाल, लोगों में दहशत
लुधियानाः जिले में एक बार फिर से सिविल अस्पताल जंग का मैदान बन गया। दरअसल, चीमा चौक के पास ट्रांसपोर्ट नगर में पुराने विवाद को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया। इस मामले को लेकर आज दोनों पक्षों में हाथापाई हो गई। ऐसे में घायल लोग उपचार के लिए अस्पताल मेडिकल करवाने के लिए पहुंचे। जिसके बाद दोनों पक्ष सिविल अस्पताल में भिड़ गए। अस्पताल की इमरजेंसी के बाहर का इलाका किसी जंग के अखाड़े में तब्दील हो गया। इस खूनी खेल से वहां मौजूद मरीजों और उनके परिजनों में दहशत फैल गई। बवाल सिर्फ अस्पताल परिसर के अंदर ही नहीं हुआ, बल्कि बदमाशों ने बाहर भी जमकर आतंक मचाया।
सिविल अस्पताल में हुई घटना को लेकर उनकी सुरक्षा ना होने पर परिजनों द्वारा धरना लगा दिया गया। हालांकि दूसरा पक्ष सिविल अस्पताल के अंदर ही मौजूद है। बताया जा रहा है कि दूसरे पक्ष द्वारा गाड़ियों की तोड़फोड़ की गई। वहीं धरने पर बैठे लोगों द्वारा जमकर हंगामा किया जा रहा है। घटना वीडियो भी सामने आई है, जिसमें देखा जा सकता है कि हथौड़ों और लाठियों से गाड़ी की तोड़फोड़ की जा रही है। सरेआम हुई गुंडागर्दी को लेकर लोगों में दहशत का माहौल पाया जा रहा है। वहीं हैरानी की बात यह है कि सिविल अस्पताल में दोनों पक्षों द्वारा जमकर लाठियां बरसाई गई और पत्थर मारे गए। वहीं घटना की सूचना मिलते ही पुलिस कर्मी मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों को इमरजेंसी से बाहर किया गया। इस दौरान भारी पुलिस कर्मी घटना स्थल पर पहुंचे और मामले को शांत करवाने में जुट गए।
बता देंकि सिविल अस्पताल में मारपीट और हंगामे की यह कोई पहली घटना नहीं है। लेकिन दिनदहाड़े इमरजेंसी वार्ड जैसी संवेदनशील जगह पर ईंट-पत्थर चलना और हथौड़ों से हमला होना, अस्पताल की सुरक्षा पर बहुत बड़े सवाल खड़े करता है। बड़ा सवाल यह है कि जब यह सब हो रहा था, तब अस्पताल की सिक्योरिटी और पुलिस कहां थी? अगर इस दौरान किसी बेकसूर मरीज या तीमारदार को चोट लग जाती तो कौन जिम्मेदार होता। वायरल वीडियो सामने आने के बाद अब देखना यह है कि पुलिस प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और अस्पताल में खौफ का माहौल पैदा करने वाले इन उपद्रवियों पर कब तक शिकंजा कसा जाता है।