फिरोजपुर: स्वास्थ्य विभाग टीम न गुप्त सूचना के आधार पर नूडल्स फैक्ट्री पर रेड की। जांच के दौरान यह सामने आया कि उक्त फैक्ट्री पिछले करीब डेढ़ से दो साल से बिना वैध खाद्य सुरक्षा लाइसेंस के चल रही थी, जो कि खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 का उल्लंघन है। मौके पर की गई जांच के दौरान निर्माण इकाई (फैक्ट्री) में बहुत ही अप्रिय और अस्वच्छ परिस्थितियां पाई गईं। नूडल्स की तैयारी वाली जगह के पास ही बाथरूम मौजूद था और मक्खियां खाद्य पदार्थों पर बैठी हुई देखी गईं। फैक्ट्री की छतों पर जाले लगे हुए थे और समूचा उत्पादन क्षेत्र सफाई के निर्धारित मापदंडों पर खरा नहीं उतरता था।
जांच के दौरान यह भी पाया गया कि निर्माण में इस्तेमाल किए जा रहे पानी की कोई लैब टेस्टिंग नहीं कराई गई थी, कर्मचारियों के मेडिकल फिटनेस रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं थे और अन्य आवश्यक रिकॉर्ड भी मौके पर पेश नहीं किए गए। खाद्य सुरक्षा विंग की टीम ने जन स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए मौके पर तैयार पड़े लगभग 450 किलो नूडल्स मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त पाए जाने के कारण नष्ट करवा दिए। इसके अलावा जांच के लिए दो प्रवर्तन नमूने भी लिए गए हैं, जिन्हें विश्लेषण के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा। जांच के दौरान सामने आया कि उक्त इकाई द्वारा विभिन्न कंपनियों के ब्रांडों के नाम तले नूडल्स की पैकिंग की जा रही थी, लेकिन इस संबंध में कोई आधिकारिक मंजूरी, प्राधिकरण या रिकॉर्ड मौके पर पेश नहीं किया गया।
खाद्य व्यवसाय संचालक को 15 दिनों का सुधार नोटिस जारी किया गया है, जिसमें खाद्य सुरक्षा लाइसेंस प्राप्त करने, सफाई के मापदंडों का पालन करने, आवश्यक रिकॉर्ड और मेडिकल जांचें पूरी करने और कानूनी प्रावधानों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। खाद्य सुरक्षा विंग ने स्पष्ट किया है कि प्रयोगशाला रिपोर्ट और जांच के परिणामों के आधार पर खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के तहत उचित सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। खाद्य सुरक्षा विंग, फिरोजपुर ने सभी खाद्य व्यवसाय संचालकों से अपील की है कि वे बिना लाइसेंस या पंजीकरण के कोई भी खाद्य व्यवसाय न चलाएं और खाद्य पदार्थों के निर्माण, भंडारण और बिक्री के दौरान सफाई और खाद्य सुरक्षा के सभी नियमों का सख्ती से पालन करें ताकि लोगों के स्वास्थ्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ न हो।