फिरोजपुरः फूड सेफ्टी ऑफिसर अभिनव कुमार ने बताया कि 28 जुलाई को गुरुहरसहाय इलाके में एक विशेष चेकिंग अभियान के दौरान फूड सेफ्टी विंग ने पनीर के तीन सैंपल लिए थे। इन सैंपल की टेस्ट रिपोर्ट मिलने के बाद पता चला है कि वह पनीर अच्छी क्वालिटी के दूध से नहीं बना था और उसमें दूध के फैट के अलावा बाहरी फैट भी पाया गया। फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड्स के हिसाब से ऐसा पनीर घटिया क्वालिटी का है और ये खाने वालों की सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
फूड सेफ्टी विंग ने सभी शहरी और ग्रामीण निवासियों से अपील करती है कि वे पनीर, दूध, मक्खन और दूध से बनी दूसरी चीजें सिर्फ़ भरोसेमंद और लाइसेंस वाले विक्रेताओं से ही खरीदें। सस्ती और संदिग्ध जगहों से खरीदी खाने की चीजें आपकी और आपके परिवार की सेहत के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती हैं।
इसके साथ ही फूड सेफ्टी विंग उन फूड बिजनेस ऑपरेटरों, दुकानदारों, डेयरी संचालकों, हलवाइयों, रेहड़ी-पटरी वालों और दूसरे व्यापारियों को कड़ी चेतावनी देती है जो सस्ता या घटिया क्वालिटी का पनीर और खाने की दूसरी चीजें बेचकर जान-बूझकर लोगों की सेहत को खतरे में डाल रहे हैं। ऐसे मामलों में फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अभिनव कुमार ने लोगों से अपील की कि अगर किसी को अपने इलाके में मिलावटी दूध, पनीर, मक्खन या खाने की दूसरी चीजों की बिक्री के बारे में कोई शक हो, तो वे फूड सेफ्टी विंग को सूचित करें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह से गुप्त रखी जाएगी और मिली जानकारी के आधार पर तुरंत जांच के बाद कानून के मुताबिक जरूरी कार्रवाई की जाएगी।