अमृतसरः सचखंड श्री दरबार साहिब में एक बार फिर सेवादारों ने ईमानदारी की मिसाल पेश की है। हिमाचल प्रदेश से दर्शन के लिए आए एक श्रद्धालु परिवार का लाखों रुपए मूल्य के सोने के गहनों और 25 हजार रुपए कैश से भरा बैग सुरक्षित उसके असली मालिकों को आज लौटा दिया गया। हिमाचल प्रदेश से एक परिवार गोल्डन टेंपल में माथा टेकने पहुंचा था। परिक्रमा के दौरान उनका बैग कहीं गुम हो गया। बैग में सोने के कीमती गहनों के अलावा 25 हजार रुपए कैश भी थे।
बैग खोने के बाद परिवार परेशान हो गया। इसी बीच परिक्रमा में ड्यूटी पर तैनात सेवादारों को बैग लावारिस हालत में मिला। उन्होंने बिना देर किए उसे सुरक्षित अपने पास रख लिया। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सचिव बलविंदर सिंह काहलवां ने बताया कि बैग मिलने के तुरंत बाद उसे सीसीटीवी कंट्रोल रूम में जमा कराया गया। वहां सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई। बैग में मिले पते व अन्य दस्तावेजों के आधार पर श्रद्धालु परिवार से संपर्क किया गया। इसके बाद परिवार को दोबारा श्री दरबार साहिब बुलाया गया।
मैनेजर सरदार मेजर सिंह अरदासिया और सरदार गुरविंदर सिंह देवीदासपुर की मौजूदगी में आवश्यक पुष्टि के बाद बैग और उसमें रखा पूरा सामान उसके असली मालिकों को सौंप दिया गया। काहलवां ने सेवादारों की ईमानदारी, निस्वार्थ सेवा और जिम्मेदारी की सराहना की। उन्होंने कहा कि श्री दरबार साहिब में प्रतिदिन देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु माथा टेकने आते हैं। सेवादार दिन-रात पूरी लगन से उनकी सेवा में जुटे रहते हैं। इस तरह की घटनाएं गुरु घर की सेवा भावना और सेवादारों की ईमानदारी का परिचय देती हैं। उन्होंने संगत से अपील की कि किसी छोटी-सी भूल या गलतफहमी के आधार पर गुरु घर के बारे में नकारात्मक प्रचार न करें। साथ ही श्रद्धालुओं को सलाह दी कि वे सोने के गहने, नकदी और अन्य कीमती सामान परिक्रमा में साथ लेकर चलने के बजाय गुरु घर की ओर से बनाए गए सुरक्षित काउंटरों पर जमा करवाएं।