नई दिल्लीः त्योहारों के सीज़न में खाद्य तेल की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिली है। पाम ऑयल की कीमतों में बीते एक महीने में ही 37% तक की बढ़ोतरी को मिली है। इसके साथ ही सरसों और सोयाबीन तेल के दाम भी बढ़ गए हैं। इन तेलों के बढ़ते दामों से न सिर्फ आम जनता के घरेलू बजट पर असर पड़ा है, बल्कि रेस्टोरेंट्स, होटलों और मिठाई व्यपारियों पर भी इसका असर देखने को मिल रहा है, जो स्नैक्स और अन्य व्यंजन तैयार करने के लिए इन तेलों का इस्तेमाल करते हैं।
खाद्य तेलों की कीमतों में यह उछाल सरकार द्वारा सोयाबीन, पाम और सूरजमुखी के कच्चे तेलों पर आयात शुल्क बढ़ाने के कारण हुआ है। पाम ऑयल की कीमत सितंबर में 100 रुपये प्रति लीटर थी जो अक्टूबर में बढ कर 137 रुपये प्रति लीटर हो गई। सरसों का तेल भी 140 रुपये से बढकर 181 रुपये ओर सोयाबीन और सूरजमुखी तेल भी 120 रुपये प्रति लीटर से बढकर 148 रुपये प्रति लीटर हो गया है। सितंबर में सरकार ने इन तेलों पर आयात शुल्क 5.5% से बढ़ाकर 27.5% कर दिया और रिफाइंड तेलों पर यह शुल्क 13.7% से बढ़ाकर 35.7% कर दिया, जो 14 सितंबर से प्रभावी है।