Health Tips News: गेहूं की रोटी भारत के लगभग हर घर में रोज़ाना खाई जाती है। लोग इसे सब्ज़ी, दाल या दूध के साथ बड़े स्वाद से खाते हैं। यह शरीर को ऊर्जा देती है और कई पोषक तत्व भी देती है। लेकिन कुछ लोगों के लिए गेहूं की रोटी नुकसानदायक भी हो सकती है। कई बार लोगों को यह समझ नहीं आता कि उनकी परेशानी गेहूं से हो रही है या किसी और कारण से, इसलिए वे इसे नजरअंदाज कर देते हैं।
हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, कुछ खास स्वास्थ्य समस्याओं वाले लोगों को गेहूं की रोटी से बचना चाहिए या सीमित मात्रा में ही खाना चाहिए। आइए इसे विस्तार से जानते हैं…
- सीलिएक रोग (Celiac Disease) वाले लोग
यह एक ऑटोइम्यून बीमारी है, जिसमें शरीर ग्लूटेन (गेहूं में पाया जाने वाला प्रोटीन) को पचा नहीं पाता।
क्या होता है इस बीमारी में?
- गेहूं खाने से छोटी आंत को नुकसान पहुंचता है।
- शरीर खाने से पोषक तत्व ठीक से नहीं ले पाता।
- पेट दर्द, दस्त, कमजोरी और वजन कम होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
क्या करें?
इस बीमारी वाले लोगों को गेहूं और उससे बने सभी खाद्य पदार्थों से पूरी तरह बचना चाहिए।
- ग्लूटेन सेंसिटिविटी वाले लोग
कुछ लोगों को सीलिएक रोग नहीं होता, लेकिन फिर भी गेहूं खाने से परेशानी होती है। इसे ग्लूटेन सेंसिटिविटी कहा जाता है।
संभावित लक्षण
- पेट फूलना
- गैस बनना
- पेट दर्द
- दस्त या भारीपन महसूस होना
क्या करें?
ऐसे लोगों को गेहूं कम मात्रा में खाना चाहिए या डॉक्टर की सलाह से इसे बंद कर देना चाहिए।
- गेहूं से एलर्जी वाले लोग
कुछ लोगों को गेहूं से एलर्जी होती है। यह शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली की प्रतिक्रिया होती है।
एलर्जी के लक्षण
- त्वचा पर लाल चकत्ते या खुजली
- सांस लेने में परेशानी
- नाक बहना
- सूजन या जलन
क्या करें?
गेहूं से एलर्जी होने पर इसे बिल्कुल नहीं खाना चाहिए और तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
- इरिटेबल बाउल सिंड्रोम (IBS) के मरीज
IBS से पीड़ित कुछ लोगों को गेहूं में मौजूद “फ्रुक्टन्स” नामक तत्व पचाने में परेशानी होती है।
इससे होने वाली समस्याएं
- गैस बनना
- पेट में दर्द
- पाचन खराब होना
- पेट में बेचैनी
क्या करें?
IBS के मरीजों को अपनी डाइट में गेहूं की मात्रा कम करनी चाहिए या डॉक्टर की सलाह के अनुसार विकल्प अपनाने चाहिए।
- टाइप-2 डायबिटीज के मरीज
गेहूं का ग्लाइसेमिक इंडेक्स ज्यादा होता है, जिससे ब्लड शुगर तेजी से बढ़ सकता है।
ध्यान रखने वाली बातें:
- डायबिटीज में गेहूं पूरी तरह बंद करना जरूरी नहीं है।
- मैदा और ज्यादा प्रोसेस्ड आटा खाने से बचें।
- चोकर वाला या साबुत गेहूं ज्यादा बेहतर होता है।