एसडीएम ने खुद संभाला मोर्चा, लोगों से की सतर्क रहने की अपील
हिमाचलः पौंग बांध से छोड़े जा रहे पानी से ब्यास नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। तेज़ बहाव के चलते नदी का पानी निचले इलाकों में फैलने लगा है। कई स्थानों पर पानी घरों के बिल्कुल नजदीक पहुंच चुका है। जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। ब्यास नदी के ऊफान पर होने से पानी रिहायशी इलाकों में घुस रहा है।
इंदौरा विधानसभा की ग्राम पंचायत भोगरवां के हल्या वार्ड नं-दो के स्थानीय निवासियों ने तत्काल प्रशासन को सूचना दी, जिसके बाद एसडीएम इंदौरा सुरेंद्र ठाकुर, पुलिस, सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बढ़ते जलस्तर और तेज बहाव के बीच रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
इस अभियान के दौरान प्रशासनिक टीम ने अलग-अलग घरों में फंसे कुल 16 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। जिसमें त्रिलोक, उषा देवी, नीलम, कल्पना सहित बुजुर्ग, महिलाएं और छोटे बच्चे भी शामिल रहे। सभी को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।
वहीं रियाली पंचायत के वार्ड-9 के 17 लोग पानी में फंस गए। जिनको पुलिस चौकी के जवानों ने मौके पर पहुंचकर घरों से निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। रेस्क्यू किए लोगों में इमरान, रफी, आशिमां, सलीमा बीबी, आलमगीर, सुरेश, सितार, असलम, शाहिद, यूनस, शुभा, रिजवान, मलको बीबी, सम्सार, आरजू, सादिक व कालूदीन शामिल हैं। साथ ही बडूखर को हाजीपुर (पंजाब) के साथ जोड़ने वाली पंचायत रियाली में ब्यास नदी पर बने पुल की सुरक्षा के लिए लगाए क्रेट भी बह गए हैं। प्रशासन ने पुल से दोपहिया व चार पहिया वाहनों को छोड़कर मालवाहकों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया है। रियाली पंचायत के वार्ड नंबर 10 में करीब 10 परिवारों के लोग ब्यास के पानी के घरों तक पहुंचने से दहशत में हैं। पुलिस चौकी रे के प्रभारी एएसआई विकास शर्मा ने बताया कि रियाली पंचायत के वार्ड-9 में पानी में फंसे लोगों को सुरक्षित निकाल लिया है। स्थानीय लोगों से अपील की कि वे इन दिनों सुरक्षित स्थानों पर रहें।
घरों से बेघर हुए ग्रामीणों ने बताया कि रातभर नदी का बहाव बढ़ता रहा और सुबह तक पानी घरों के आंगन तक पहुंच गया। कई परिवार पूरी रात जागते रहे, क्योंकि उन्हें डर था कि कहीं पानी घरों में न घुस जाए। ग्रामीणों ने प्रशासन की तेज़ कार्रवाई की सराहना करते कहा कि समय पर मदद मिलने से बड़े नुकसान से बचाव हुआ।
एसडीएम इंदौरा सुरेंद्र ठाकुर ने लोगों से अपील की कि वे नदी किनारे या निचले क्षेत्रों में बिल्कुल न जाएं और प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी चेतावनियों का पालन करें। अगले कुछ दिनों तक सतर्क रहना बेहद ज़रूरी है, क्योंकि मौसम विभाग ने भारी बारिश की संभावना जताई है।