विभाग की तकनीकी टीम ने मौके पर ही पशु चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करते हुए 50 पशुओं के गोबर के नमूने विभिन्न परजीवियों की जांच के लिए और थनैला रोग की जांच हेतु 45 पशुओं के दूध के नमूनों का परीक्षण किया। इसके साथ ही उपस्थित किसानों को कड़कनाथ मुर्गी पालन की वैज्ञानिक विधियों और विभाग की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से विस्तृत रूप से अवगत कराया गया। आयोजन के दूसरे दिन बछड़ी रैली का आयोजन किया गया, जिसका शुभारंभ मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री द्वारा किया गया। इस रैली में कुल 46 बछड़ियों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया।
प्रतियोगिता के अंतर्गत विदेशी, स्वदेशी और भैंस श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेताओं और सभी प्रतिभागियों को विभाग की ओर से पशु आहार और आकर्षक उपहार देकर प्रोत्साहित किया गया। तीसरे दिन आयोजित श्वान प्रदर्शनी में उपमुख्यमंत्री ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस प्रतियोगिता में छोटी, मध्यम और बड़ी श्रेणियों में कुल 40 श्वानों ने भाग लिया, जहाँ विजेताओं और प्रतिभागियों को उपहार भेंट किए गए। इसी दिन क्षेत्र के उच्च नस्ल के उत्कृष्ट पशुओं का भी प्रदर्शन किया गया, जो पशुपालकों के लिए वैज्ञानिक प्रजनन के प्रति आकर्षण का केंद्र रहे।
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण नालागढ़ स्थित टीवीएस कंपनी के ‘बेल्जियन शेफर्ड’ नस्ल के श्वानों की जोड़ी और पुलिस लाइन झलेड़ा के प्रशिक्षित श्वान का प्रदर्शन रहा। उनके द्वारा दिखाए गए विशेष करतबों और अनुशासित प्रदर्शन की मुख्य अतिथि व स्थानीय जनता ने मुक्तकंठ से सराहना की। इस अवसर पर विभाग द्वारा जिला ऊना में पशु कल्याण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए ‘राधा माधव सेवा कुंज जखेड़ा’ और एनिमल रेस्क्यू सोसाइटी ऊना की भूमिका को विशेष रूप से सराहा गया।
कार्यक्रम के समापन पर पशु स्वास्थ्य एवं प्रजनन विभाग के उपनिदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह पटियाल ने आयोजन की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने इस आयोजन के सफल कार्यान्वयन के लिए वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी ऊना डॉ. परमेष डोगरा, समस्त पशु चिकित्सा अधिकारियों और स्टाफ सदस्यों के कड़े परिश्रम की सराहना की। इसके साथ ही उन्होंने उत्सव में सक्रिय रूप से भाग लेने और विभाग की गतिविधियों को सफल बनाने के लिए सभी पशुपालकों एवं किसानों का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया।