पुलिस ने रिमांड के दौरान वारदात में प्रयोग कार, हिडन कैमरा, मोबाइल फोन, सिम कार्ड किए बरामद
पंचकूलाः पुलिस ने एक संगठित ब्लैकमेलिंग और एक्सटॉर्शन के मामले का पर्दाफाश करते हुए एक शातिर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। थाना चंडीमंदिर में 20 मार्च को दर्ज एक मामले के तहत पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी सना आमरीन, उसके पति दिलप्रीत सिंह तथा उनके एक साथी मनमोहन सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। तीनों पंजाब के फतेहगढ़ जिला के रहने वाले हैं। आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से एक व्यक्ति को अपने जाल में फंसाकर हिडन कैमरे से आपत्तिजनक वीडियो बनाकर 50 लाख रुपये की फिरौती मांगने की साजिश रची थी।
मिली जानकारी के अनुसार कैथल वासी शिकायतकर्ता ने 20 मार्च को पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि सना आमरीन, जो उसकी पुरानी जान-पहचान की थी, ने उसे बहाने से संपर्क कर पंचकूला बुलाया। बाद में आरोपी के कहने पर सभी मोरनी स्थित एक होटल में गए, जहां सना आमरीन ने सहमति से संबंध बनाने के दौरान छिपे कैमरे से वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। इसके बाद आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर उस वीडियो को व्हाट्सएप के माध्यम से भेजते हुए 50 लाख रुपये की मांग की और पैसे न देने पर वीडियो वायरल करने की धमकी दी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए जाल बिछाया और आरोपियों को उसी दिन सरहिंद व जीरकपुर क्षेत्र से काबू कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल किया। उनकी निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल किया गया हिडन कैमरा, मोबाइल फोन, सिम कार्ड तथा एक कार भी बरामद की गई है। साथ ही उस होटल की भी पहचान करवाई गई, जहां वारदात को अंजाम दिया गया था।
पुलिस ने 21 मार्च को तीनों आरोपियों को अदालत में पेश किया जिसमें आरोपी मनमोहन सिंह को 21 मार्च को न्यायिक हिरासत भेज दिया गया व आरोपी पति-पत्नी को दो दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया था, जिसके दौरान अहम सबूत जुटाए गए। आरोपी सना आमरीन और दिलप्रीत सिंह को भी आज न्यायिक विरासत भेज दिया गया है
डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता ने बताया कि यह मामला केवल ब्लैकमेलिंग का नहीं, बल्कि सुनियोजित तरीके से लोगों की निजी जिंदगी का दुरुपयोग कर आर्थिक शोषण करने की गंभीर आपराधिक साजिश है। पंचकूला पुलिस ने तत्परता और प्रोफेशनल तरीके से कार्रवाई करते हुए पूरे गिरोह को बेनकाब किया है।
हम स्पष्ट करना चाहते हैं कि इस प्रकार के अपराधों में शामिल किसी भी व्यक्ति को कानून से बचने नहीं दिया जाएगा। आमजन से अपील है कि सोशल मीडिया या व्यक्तिगत संपर्कों के माध्यम से मिलने वाले किसी भी संदिग्ध प्रस्ताव से सतर्क रहें और बिना झिझक पुलिस से संपर्क करें। आपकी पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और हर पीड़ित को न्याय दिलाना हमारी प्राथमिकता है।
