मथुरा: उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में स्थित ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में दर्शन को लेकर वीआईपी पर्ची व्यवस्था को बंद करने का फैसला लिया गया। इसके साथ ही दर्शन का समय बढाने का भी निर्णय लिया गया है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित समिति ने आज हुई बैठक में यह फैसला लिया। माना जा रहा है कि इस निर्णय के लागू होने के बाद से मंदिर में वीआईपी कल्चर पूरी तरह से समाप्त हो जाएगा और सभी श्रद्धालुओं को समान अवसर मिलेगा। दरअसल, आज हुई इस बैठक की अध्यक्षता हाईकोर्ट के पूर्व जस्टिस अशोक कुमार ने की थी।
जिसमें मंदिर प्रबंधन से जुड़े कई अहम व्यवस्थाओं पर चर्चा कर 9 बड़े फैसले लिए गए है। कमेटी ने सबसे अहम और बड़ा निर्णय दर्शन का समय बढ़ाने का लिया है। अब गर्मी के मौसम में श्रद्धालुओं को तीन घंटे ज्यादा ठाकुरजी के दर्शन के लिए मिलेगा। इसी तरह सर्दियों के मौसम में ढाई घंटे से ज्यादा का समय ठाकुरजी के दर्शन के लिए मिलेंगे। इतना ही नहीं, भक्तों का खास ख्याल रखते हुए लाइव स्ट्रीमिंग की व्यवस्था भी शुरू किए जाने का निर्णय लिया गया है। बैठक में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी बड़ा बदलाव किया गया है।
अभी तक मंदिर की सुरक्षा निजी गार्डों के जिम्मे थी, लेकिन इसमें बदलाव करते हुए पूर्व सैनिकों या किसी नामचीन सिक्योरिटी एजेंसी को इसकी जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। इसके अलावा बैठक में मंदिर भवन व मंदिर परिसर की मजबूती और संरचना की जांच के लिए आईआईटी रुड़की की टीम से स्ट्रक्चरल ऑडिट कराने का भी निर्णय लिया गया है। कमेटी ने फैसला लिया कि प्रवेश द्वार से ही सिर्फ प्रवेश लिया जाए, साथ ही निकासी द्वार से निकाला जाए। इस व्यवस्था के लिए एसएसपी तीन दिनों में उचित कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे। जो पुलिस कर्मी या गार्ड जहां तैनात हैं, वो अपने स्थान पर ही ड्यूटी पर रहे। अगर कही और पाए गए तो एसएसपी विधिक कार्रवाई करेंगे।