गाय को राष्ट्रमाता बनाने के लिए हिंदूओं ने एकजुट होने का संदेश दिया
6 फरवरी को प्रयागराज में गो-संसद का आयोजन होगा
ऊना/सुशील पंडित : पिछले 1000 साल के भारतीय इतिहास में सिर्फ महाराजा रंजीत सिंह का ही शासन काल था जिसमें उत्तर भारत के एक बड़े इलाके में गौ हत्या पर मृत्युदंड दिया जाता था। महाराजा रणजीत सिंह के शासन में गौ हत्या पूरी तरह समाप्त हो गई थी। उस एक हजार साल के इतिहास में रणजीत सिंह के पहले और अब 2023 तक गौ माता देश के प्रत्येक राज्य में काटी जा रही है। गौ माता सड़कों पर भटक रही है और हिंदू सोया हुआ है। उन सोये हुए हिंदुओं को जगाने का जिम्मा अब सीधे सनातन की चारों पीठों ने उठा लिया है। इसके लिए गौ माता राष्ट्रमाता प्रतिष्ठा आंदोलन की शुरूआत हो चुकी है। बुधवार को ऊना में हुई एक प्रेस वार्ता में श्री हिंदू तख्त, बजरंग दल और गौ रक्षा दल हिमाचल प्रदेश के अधिकारियों ने पत्रकारों को बताया कि गौ माता को जबतक राष्ट्रमाता घोषित नहीं किया जाता तबतक यह अत्याचार बंद नहीं होगा। गौ माता की हो रही दुर्गति को सदा सदा के लिए समाप्त करने की रणनीति तैयार है। श्री हिंदू तख्त के राष्ट्रीय अध्यक्ष सतीश शर्मा ने बताया कि इसके लिए सबसे पहले 4 जनवरी 2024 को सभी प्रदेशों के गौ भक्त वृंदावन में एकजुट होंगे। उसके बाद 15 से 23 जनवरी को दिल्ली में बैठक होगी और उसमें गौ विशेषज्ञों की उपस्थिति में आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा।
इन दोनों प्रयासों के यदि नतीजे नहीं निकले तो 30 जनवरी 2024 को गौ भक्त भारत के राष्ट्रपति और गृमंत्री से भेंट करेंगे। यदि तब भी गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित नहीं किया जाता तो 6 फरवरी को प्रयागराज में भारत के असंख्य गौ भक्त एकजुट होकर गो-संसद का आयोजन करेंगे जिसमें प्रत्येक संसदीय क्षेत्र से एक गो सांसद मनोनीत होगा। यदि फिर भी काम नहीं हुआ तो दिल्ली में 10 से 19 फरवरी 2024 को दिल्ली के रामलीला ग्राउंड में अश्वमेध महायज्ञ आरंभ होगा। 14 से 20 फरवरी 2024 को मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले में नर्मदा नदी के ब्रह्मघाट पर गो-रुद्र महायज्ञ किया जाएगा। 15 से 21 फरवरी तक महाराष्ट्र के अमरावती में सिद्ध बाल हनुमान गोरक्षण डरगांव में कामधेनु महायज्ञ किया जाएगा। इतने संघर्ष पर भी यदि परिणाम नहीं आए तो 10 मार्च 2024 को संपूर्ण देश से दिल्ली में गो भक्त एकत्रित होंगे और 6 फरवरी को आयोजित गो-संसद द्वारा पारित प्रस्तावों के अनुसार गोमाता को राष्ट्रमाता की प्रतिष्ठा दिलाने के लिए अंतिम श्वास तक आंदोलन जारी रखने का प्रण लिया जाएगा। मौके पर गौ रक्षा दल हिमाचल प्रदेश प्रभारी डीडी राणा, शिव दत्त विशिष्ट व अन्य गौ भक्त मौजूद रहे।