नई दिल्लीः नया साल शुरू हो चुका है। ये साल खगोल प्रेमियों के लिए बेहद शानदार रहने वाला है। इस साल कई सूपरमून, एक पूर्ण सूर्य ग्रहण और एक ब्लड मून के साथ कई खगोलीय घटना होगी। बीते वर्षों की तरह इस साल भी चार ग्रहण होंगे। इनमें दो सूर्य ग्रहण होंगे और दो चंद्र ग्रहण होंगे।
पहला ग्रहणः इस साल का पहला ग्रहण 17 फरवरी 2026 को लगेगा। ये सूर्य ग्रहण होगा जो दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण अर्जेंटीना और अंटार्कटिका में दिखाई देगा। यह एक वलयकार सूर्य ग्रहण होगा, जिसे रिंग ऑफ फायर भी कहा जाता है। इसमें सूर्य का 96% हिस्सा 02 मिनट 20 सेकेंड तक ढका रहेगा। ये ग्रहण भारत में नहीं नजर आएगा। इसलिए इसका सूतक काल भी मान्य नहीं होगा।
दूसरा ग्रहणः इस दूसरा ग्रहण 3 मार्च 2026 को लगेगा। ये चंद्र ग्रहण होगा जो भारत समेत एशिया के लगभग सभी हिस्सों में दिखाई देगा। इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया, उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका में भी ये ग्रहण दिखाई देगा। भारत में इस ग्रहण का सूतक काल मान्य होगा। ये ग्रहण लगभग 58 मिनट तक रहेगा, जिसमें चंद्रमा लाल रंग का नजर आएगा। इसे ब्लड भी कहा जाता है। यह 2029 से पहले का आखिरी पूर्ण चंद्र ग्रहण भी होगा।
तीसरा ग्रहणः 12 अगस्त को तीसरा ग्रहण लगेगा, जो एक सूर्य ग्रहण होगा। साल का दूसरा सूर्य ग्रहण आर्कटिक, ग्रीनलैंड, आइसलैंड, स्पेन, रूस और पुर्तगाल में दिखाई देगा। भारत से ये ग्रहण दिखाई नहीं देने की वजह से इसका सूतक काल भी मान्य नहीं होगा।
चौथा ग्रहणः नए साल का चौथा ग्रहण 28 अगस्त 2026 को लगेगा। ये साल का दूसरा चंद्र ग्रहण होगा। ये ग्रहण उत्तर और दक्षिण अमेरिका, यूरोप और अफ्रीका के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा। भारत से इस ग्रहण को नहीं देखा जा सकेगा जिस कारण से इसका सूतक मान्य नहीं होगा।