नई दिल्ली: भारतीय टेनिस के दिग्गज खिलाड़ी लिएंडर पेस ने मंगलवार 31 मार्च को औपचारिक रुप से भारतीय जनता पार्टी का हाथ थाम लिया है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से पहले यह एक बहुत ही जरुरी घटनाक्रम माना जा रहा है। कोलकाता में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ मीडिया की मुलाकात के दौरान इस कदम की काफी समय से अटकलें लगाई जा रही थी।
लिएंडर पेस के बीजेपी ज्वाइन करने की टाइमिंग काफी जरुरी है। पेस के लिए पार्टी की राजनीति कोई नई बात नहीं है। साल 2021 में वह पहले भी तृणामूल कांग्रेस से जुड़ चुके है। 2022 में गोवा विधानसभा चुनावों के दौरान उन्होंने टीएमसी के जरिए जोर-शोर से प्रचार किया था हालांकि उन्होंने खुद कोई चुनाव नहीं लड़ा था।
पार्टी ज्वाइन करने के बाद बोले लिएंडर
बीजेपी का दामन थामने के बाद लिएंडर पेस ने कहा कि – मेरी मां बंगाली है और उनका जन्म बंगला में हुआ है। उनके समय में खेलों के लिए बुनियादी ढांचा नही था और आज भी बंगाल और तमिलनाडु में इंफ्रास्ट्रक्चर बेहतर हो सकता है। बच्चों को मजबूत और प्रेरित करने की जरुरत है।
बीजेपी का दामन थामने के बाद लिएंडर पेस ने कहा कि – मेरी मां बंगाली है और उनका जन्म बंगाल में हुआ। उनके समय में खेलों के लिए बुनियादी ढांचा नहीं था और आज भी बंगाल और तमिलनाडु में इंफ्रास्ट्रक्चर बेहतर हो सकता है। बच्चों को सश्कत और प्रेरित करने की जरुरत है।
उसके साथ ही उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि टेनिस में आर्यना सबालेंका और कार्लोस अस्पताल को बराबर ईनाम राशि मिलती है।
चुनावी नतीजों में कितना असर होगा?
लिएंडर पेस आने वाले चुनाव लड़ेंगे या नहीं यह तो आने वाला समय ही बताएगा लेकिन भगवा खेमे में उनके जंग से बंगाल की सियासत में हलचल मच गई है। यह ऐसा राज्य है जहां मशहूर हस्तियों के समर्थन का चुनावी नतीजों पर बहुत ज्यादा असर पड़ता है। अब तो यह देखने वाली बात होगी कि लिएंडर के बीजेपी में शामिल होने से चुनावी नतीजों में क्या असर आता है।
किरण रिजिजू ने कहा कि – लेजेंडरी टेनिस खिलाड़ी लिएंडर पेस का बीजेपी में शामिल होना एक बिल्कुल ऐतिहासिक दिन है। जब वो कॉलेज में थे तब ओलंपकि भारत का नाम मेडल लिस्ट में नहीं आता था लेकिन पहली बार लिएंडर पेस ने देश का नाम ओलंपिक में दर्ज करवाया है। अब पेस बीजेपी के प्लेटफॉर्म से देश की सेवा करेंगे।
आखिर कौन है लिएंडर पेस
लिएंडर पेस भारतीय टेनिस के इतिहास के सबसे ज्यादा सम्मान पाने वाले खिलाड़ियों में से एक हैं। उन्होंने कई डेविस कप अभियानों में अहम भूमिका निभाई है। उनका मानना है कि अब आगे बढ़कर इस खेल के भविष्य को संवारने का समय आ गया है। इसके लिए भारत में उभरती हुई युवा प्रतिभाओं को निखारना और खेल से दूर हो चुके पुराने खिलाड़ियों को वापिस खेल से जोड़ना जरुरी है।