चंडीगढ़: हरियाणा के जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा ने कहा कि प्रदेश में हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के बाद अब पानी बचाने, पानी की बर्बादी रोकने और जलापूर्ति की व्यवस्था को लंबे समय तक बेहतर बनाए रखने पर खास ध्यान दिया जा रहा है। केबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा ने यह बात नई दिल्ली में जल शक्ति मंत्रालय के दो-दिवसीय विभागीय शिखर सम्मेलन में हरियाणा की ओर से प्रदेश में जलापूर्ति, जल संरक्षण और सीवरेज से जुड़े कामों की जानकारी देते हुए कही। गंगवा ने कहा कि ऐसे सम्मेलन राज्यों को एक-दूसरे के अच्छे कामों से सीखने और पानी से जुड़ी चुनौतियों का मिलकर समाधान तलाशने का अच्छा मौका देते हैं।
हर घर तक नल से पानी पहुंचाने का काम पूरा
रणबीर गंगवा ने बताया कि हरियाणा ने ग्रामीण परिवारों तक नल से पानी पहुंचाने का काम पूरा कर लिया था। अब सरकार का जोर इस व्यवस्था को लगातार बेहतर बनाए रखने पर है। उन्होंने बताया कि भूजल स्तर को बचाने के लिए डार्क जोन में रिचार्ज वेल लगाए जा रहे हैं। 31 रिचार्ज वेल स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 26 लगाए जा चुके हैं और 12 चालू हो चुके हैं।
पानी बचेगा तो आने वाली पीढ़ियों का भी काम चलेगा
गंगवा ने बताया कि सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांटों से साफ किए गए पानी को बेकार नहीं जाने दिया जा रहा। इसका इस्तेमाल खेती, बागवानी, उद्योग, निर्माण कार्य और थर्मल पावर प्लांटों में किया जा रहा है। प्रदेश में अभी करीब 655 एमएलडी ट्रीटेड पानी दोबारा इस्तेमाल हो रहा है और मार्च 2031 तक इसे 100 प्रतिशत तक पहुंचाने की तैयारी है। जलापूर्ति योजनाओं को लंबे समय तक ठीक रखने के लिए ओ एंड एम पॉलिसी-2026 के तहत गांवों की भागीदारी बढ़ाई जा रही है।
बड़े गांवों में शहर जैसी सुविधाएं
रणबीर गंगवा ने बताया कि 10 हजार से ज्यादा आबादी वाले गांवों में शहरों की तर्ज पर पानी और सीवरेज की सुविधा देने के लिए महाग्राम योजना पर काम चल रहा है। इसके तहत 132 गांवों को शामिल किया गया है। 27 गांवों में काम पूरा हो चुका है, जबकि 31 गांवों में काम चल रहा है।
मीटर लगेगा, पानी की बर्बादी पर नजर रहेगी
उन्होंने बताया कि पानी की बर्बादी रोकने और लोगों को जरूरत के हिसाब से पानी इस्तेमाल करने के लिए मीटरिंग पर भी जोर दिया जा रहा है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में मीटरिंग-एज-ए-सर्विस मॉडल के तहत मीटर लगाने की तैयारी है।
पीएम नरेंद्र मोदी का जताया आभार
रणबीर गंगवा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल का आभार जताते हुए कहा कि इस सम्मेलन के जरिए राज्यों को पानी से जुड़ी भविष्य की चुनौतियों पर मिलकर सोचने और एक-दूसरे के अच्छे कामों से सीखने का अवसर मिला। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पानी की बढ़ती जरूरत को देखते हुए राज्यों को भविष्य के लिए तैयार रहने और पानी बचाने वाली तकनीकों को बढ़ावा देने के विजन की सराहना की।