प्रयागराज: उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज जंक्शन पर उस समय बड़ा रेल हादसा टल गया, जब चलती ट्रेन में चढ़ने के फेर में एक महिला यात्री सीधे पटरी और बोगी के बीच जा फंसी. प्लेटफार्म नंबर-1 पर मची अफरा-तफरी के बीच रेलवे सुरक्षा विशेष बल (RPSF) के जवानों ने अदम्य साहस दिखाते हुए मात्र 5 मिनट के भीतर आपातकालीन चेन पुलिंग की और ट्रेन के पहियों के नीचे जिंदगी और मौत से जूझ रही महिला को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। जनसंपर्क अधिकारी अमित कुमार सिंह ने इस पूरे घटनाक्रम और रेस्क्यू ऑपरेशन की आधिकारिक पुष्टि की है।
दरअसल, नई दिल्ली जाने वाली बहुचर्चित गाड़ी संख्या 12417 (प्रयागराज एक्सप्रेस) जंक्शन के प्लेटफार्म संख्या-01 से रफ्तार पकड़ रही थी। इसी बीच एक महिला यात्री ने चलती ट्रेन में चढ़ने का जोखिम भरा प्रयास किया और संतुलन बिगड़ने से गिर पड़ी। प्लेटफार्म पर मुस्तैद सुरक्षाकर्मियों ने लपककर उसे संभाला ही था कि उनकी नजर बोगी के नीचे फंसी दूसरी महिला यात्री पर पड़ी, जो असंतुलित होकर सीधे ट्रैक की ओर गिर चुकी थी। पलक झपकते ही ड्यूटी पर तैनात RPSF द्वितीय बटालियन के सहायक उप-निरीक्षक (ASI) महेश कुमार हरितवाल, आरक्षक प्रवेश कुमार और आरक्षक बसंत हरकत में आए।
जवानों ने बिना एक सेकंड गंवाए तुरंत अलार्म चेन खींचकर ट्रेन को रुकवाया। पहिए थमते ही जवानों ने सूझबूझ और फुर्ती से ट्रेन के नीचे घुसकर फंसी हुई महिला को सकुशल खींच निकाला। घड़ी की सुई के मुताबिक यह पूरा रेस्क्यू ऑपरेशन रात 22:11 बजे से 22:16 बजे के बीच यानी महज 5 मिनट में अंजाम दिया गया। मौत के मुंह से सुरक्षित बाहर निकली दोनों महिला यात्रियों ने नम आंखों से जवानों का आभार जताया।
उत्तर मध्य रेलवे (प्रयागराज मंडल) के पीआरओ अमित कुमार सिंह के अनुसार, ऑपरेशन जीवन रक्षा के तहत जवानों की यह त्वरित सजगता भारतीय रेल की मुस्तैदी का उत्कृष्ट उदाहरण है। रेलवे प्रशासन ने एक बार फिर यात्रियों से अपील की है कि वे चलती गाड़ी में चढ़ने या उतरने का जानलेवा जोखिम कतई न उठाएं।