Punjab Govt AD
HomeGovernment News‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ योजना से लिंगानुपात में उल्लेखनीय सुधार

‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ योजना से लिंगानुपात में उल्लेखनीय सुधार

WhatsApp Group Join Now
WhatsApp Channel Join Now

चण्डीगढ़: हरियाणा की महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रुति चौधरी ने कहा कि राज्य में ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ कार्यक्रम केवल एक योजना नहीं, बल्कि सामाजिक सोच में सकारात्मक बदलाव लाने का एक व्यापक जनआंदोलन बन चुका है। इसके माध्यम से बेटियों के जन्म को प्रोत्साहित करने, उनके प्रति सम्मान बढ़ाने और समाज में लैंगिक समानता स्थापित करने की दिशा में निरंतर सार्थक एवं परिणाममुखी प्रयास किए जा रहे हैं।

मंत्री श्रुति चौधरी ने यह बात आज चंडीगढ़ स्थित अपने निवास स्थान पर आयोजित सम्मान समारोह के दौरान कही, जो जन्म के समय लिंगानुपात में उत्कृष्ट सुधार करने वाले जिलों के सम्मान में आयोजित किया गया था। उन्होंने कहा कि हरियाणा ने इस दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की है। वर्ष 2014 में जहां जन्म के समय लिंगानुपात 871 था, वहीं वर्ष 2025 में यह बढ़कर 923 तक पहुंच गया है। यह बदलाव समाज की सोच में आए सकारात्मक परिवर्तन और सरकार की प्रभावी नीतियों का परिणामहिला एवं बाल विकास मंत्री ने कहा कि इस सुधार के पीछे कई महत्वपूर्ण कदम हैं, जिनमें पीसीपीएनडीटी अधिनियम का सख्ती से पालन, अवैध लिंग चयन पर रोक और एमटीपी के दुरूपयोग के विरूद्ध लक्षित कार्रवाई, गर्भावस्था की रिवर्स ट्रैकिंग जैसी नवाचार पहल और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय शामिल हैं। उन्होंने बताया कि फतेहाबाद में 43, पानीपत में 83 और पंचकूला में 24 छापे मारकर अवैध गतिविधियों पर कड़ी कार्रवाई की गई है। श्रुति चौधरी ने बताया कि वर्ष 2025 में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले जिलों में पंचकूला (971), फतेहाबाद (961) और पानीपत (951) शामिल हैं। इन जिलों के अधिकारियों और कर्मचारियों को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया जा रहा है।

यह सम्मान केवल उपलब्धियों की सराहना नहीं, बल्कि समाज में बेटियों के प्रति सम्मान और समानता की भावना को और मजबूत करने का संदेश भी है। राज्य सरकार बेटियों के उज्जवल भविष्य और उनके सशक्तिकरण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि 871 से 923 तक का यह सुधार ‘बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ’ कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन और हरियाणा की सामूहिक जागरूकता का प्रतीक है, और आने वाले समय में इसे और बेहतर बनाने के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत रहेगी।

‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना की शुरुआत 22 जनवरी, 2015 को देश में गिरते बाल लिंग अनुपात को सुधारने और महिलाओं व बालिकाओं के सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई थी। यह योजना ‘मिशन शक्ति’ के अंतर्गत ‘संबल’ उप-योजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो बालिका के जीवन के हर चरण में सुरक्षा, शिक्षा और समान अवसर सुनिश्चित करने का कार्य करती है। श्रुति चौधरी ने कहा कि इस योजना के माध्यम से बाल लिंग अनुपात में सुधार, लैंगिक समानता को बढ़ावा, लिंग-आधारित भेदभाव को समाप्त करना, बालिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा उनकी शिक्षा और भागीदारी को प्रोत्साहित करना मुख्य लक्ष्य हैं। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग के आयुक्त एवं सचिव शेखर विद्यार्थी, निदेशक डॉ. प्रियंका सोनी सहित विभाग के अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।

Disclaimer

All news on Encounter India are computer generated and provided by third party sources, so read and verify carefully. Encounter India will not be responsible for any issues.

- Advertisement -

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -
Punjab Govt AD

Latest News

- Advertisement -
- Advertisement -