चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा आत्मा को जागृत करने, जीवन को सही मार्ग दिखाने तथा समाज में सद्भाव और धर्म की स्थापना का माध्यम है। श्रीमद् भागवत महापुराण को भारतीय संस्कृति का हृदय कहा जाए तो अतिशयोक्ति नहीं होगी। भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं के माध्यम से इसमें जीवन के गूढ़ सत्य, कर्म, भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का अद्भुत समन्वय प्रस्तुत किया गया है।

नायब सिंह सैनी वीरवार को पंजाब के पंजोला (पटियाला) में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा आत्मा के परम कल्याण की पवित्र यात्रा है। इसका प्रसंग उस पावन वेला से जुड़ा है, जब महर्षि वेदव्यास के पुत्र भगवान शुकदेव जी ने गंगा के पावन तट पर महाराज परीक्षित को यह कथा सुनाई थी। महाराज परीक्षित को सात दिनों के भीतर तक्षक नाग के डसने का शाप प्राप्त था, लेकिन उन्होंने मृत्यु के भय से परे होकर इन सात दिनों में भागवत का अमृतरस पान किया। इसी कारण भारतीय संस्कृति में भागवत कथा प्रायः सात दिनों के अनुष्ठान के रूप में आयोजित की जाती है।

उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के मुख से निकले गीता के अमर संदेश को मानवमात्र तक पहुंचाने के लिए हर वर्ष कुरुक्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव का आयोजन किया जाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व और मार्गदर्शन में गीता का शाश्वत संदेश आज विश्व स्तर पर अपनी पहचान बना चुका है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वे अपने परिवार और बच्चों के साथ कुरुक्षेत्र के ज्योतिसर अनुभव केंद्र का भ्रमण करें तथा महाभारत के जीवंत वृत्तांत और गीता के दिव्य दर्शन की अनुभूति करें।