लुधियानाः 22 तारीख को अयोध्या में होने वाले राम मंदिर के लिए अब लोगों को और इंतजार नहीं करना होगा। लंबे समय के इंतजार के बाद अब करीब 15 दिन बाद अयोध्या में राम मंदिर में रामलाल की प्राण प्रतिष्ठा होगी। अयोध्या में बनने वाले भगवान श्री राम मंदिर को लेकर जहां भक्तों में खास उत्साह देखने को मिल रहा है। वहीं प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम से पहले अयोध्या में बनने वाले राम मंदिर की तर्ज पर लुधियाना में भी भगवान श्री राम का भावी मंदिर बनाया जा रहा है। इस मंदिर की खास बात यह है कि इस मंदिर को बनाने वाले वास्तुकार राजस्थान से संबंधित हैं और इस मंदिर का निर्माण उन्होंने बिना किसी सरया के करवाया है।
इस मंदिर का इतिहास हजारों साल का बताया जाता है। यहां यह भी बताने योग्य है कि यह मंदिर हूबहू अयोध्या के राम मंदिर जैसा ही दिखता है। इस संबंध में मीडिया से बात करते हुए ट्रस्टी रमेश गर्ग ने कहा कि इस मंदिर का निर्माण पिछले पांच साल से चल रहा है और अगले छह महीने तक यह मंदिर बनकर तैयार हो जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि इस मंदिर में किसी भी प्रकार के लोहे का उपयोग नहीं किया गया है और इसका निर्माण पत्थर से किया गया है, जिसे नर-मादा का जोड़ लगाकर जोड़ा गया है।
उन्होंने बताया कि इस मंदिर का डिजाइन राजस्थान के एक वास्तुकार द्वारा किया जा रहा है और इसमें इस्तेमाल होने वाला पत्थर भी राजस्थान से ही आ रहा है। हालांकि, इस मंदिर में स्थापित होने वाली भव्य मूर्तियां भी जयपुर से आएंगी। इसके अलावा उन्होंने बताया कि इस मंदिर में 31 हवन कुंड बनाए गए हैं। अयोध्या में बनने वाले राम मंदिर के लिए यहां पर हवन होगा और 17 तारीख से यहां पर हवन कुंड शुरू हो जाएगा और 101 घंटे तक यहां पर हवन होगा। उन्होंने कहा कि अयोध्या की धरती से मिट्टी लाई जा रही है। जिसे तिलक के रूप में लोगों को लगाया जाएगा। साथ ही सीता माता के मायके नेपाल से चरणामृत मंगवाया गया है। इसके अलावा राम सेतु से एक पत्थर लाया गया है। जिसे यहां के लोगों को दिखाया जाएगा।
