अमृतसर : पंजाब राज्य अनुसूचित जातियां आयोग के चैयरमैन जसवीर सिंह गढ़ी आज सच्चखंड श्री दरबार साहिब में माथा टेकने के लिए पहुंचे हैं। इस दौरान उन्होंने सरबत के भले के लिए अरदास की और गुरबाणी कीर्तन भी सुना। मीडिया के साथ बातचीत करते हुए गढ़ी ने कहा कि वो वाहेगुरु का शुक्राना करने के लिए दरबार साहिब में आए हैं।
उन्होंने कहा कि गुरु साहिबानों द्वारा दिया गया समानता और भाईचारे का संदेश लंगर में एक समानता, हरिमंदिर साहिब के चार दरवाजे और मानस की जात सब एक पहचानों आज भी समाज में पूरी तरह लागू नहीं हो पाई है। उन्होंने कहा कि गुरु साहिबानों का संदेश सिर्फ पंजाब तक सीमित ही नहीं है बल्कि दुनिया भर में मानवता तक पहुंचना चाहिए।
गढ़ी ने बताया कि आयोग के इस साल जाति और धार्मिक भेदभाव से जुड़ी 3750 से ज्यादा शिकायतें आई हैं। इससे यह साफ होता है कि समाज में गुरमत विचारधारा को मजबूत करने के लिए निरंतर वैचारिक संवाद चलाने की जरुरत है। धर्म और राजनीति के संबंधों पर उन्होंने कहा कि धर्म के नाम पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।
अकाल तख्त साहिब का उल्लेख करते हुए उन्होंने मीरी-पीरी के सिद्धांत को याद करवाया और कहा कि शासन का उद्देश्य लोगों के दुख-दर्द और परेशानियों को दूर करना होना चाहिए। उन्होंने पवित्र शहरों की मर्यादा बनाए रखने, ऐतिहासिक धरोहरों की सुरक्षा और सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
गढ़ी ने आगे कहा कि जहां भी अन्याय होगा। आयोग अपनी कानूनी शक्तियों के अंतर्गत कार्रवाई करेगा और जरुरत पड़ने पर मामला केंद्र सरकार तक ले जाया जाएगा।