चण्डीगढ़ : हरियाणा के ऊर्जा मंत्री श्री अनिल विज ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ऊर्जा विभाग के कर्मचारियों की सुरक्षा सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है और किसी भी कर्मचारी का जीवन किसी भी मुआवजे से कहीं अधिक मूल्यवान है। उन्होंने भावुक शब्दों में कहा, “मुझे कर्मचारियों की जिंदगी बचानी है, मैं मुआवजा देना नहीं चाहता, क्योंकि कर्मचारियों का सुरक्षित रहना ही मेरी सबसे बड़ी प्राथमिकता है।” उन्होंने कहा कि बिजली आपूर्ति बहाल करने के दौरान जब भी कोई दुर्घटना होती है, तो उसका दर्द केवल परिवार ही नहीं बल्कि पूरे विभाग और सरकार को भी होता है। इसी भावना के साथ ऊर्जा मंत्री श्री अनिल विज ने आज ऑल हरियाणा पावर कॉरपोरेशन वर्कर्स यूनियन, हिसार के पदाधिकारियों के साथ सौहार्दपूर्ण वातावरण में आयोजित बैठक की अध्यक्षता की। बैठक के दौरान उन्होंने कर्मचारियों की विभिन्न मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए उन्हें सकारात्मक समाधान का आश्वासन दिया।
सेफ्टी किट उपयोग के लिए दिया जाएगा सर्कलवार प्रशिक्षण- विज
बैठक में श्री विज ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि जोखिमपूर्ण कार्यों में लगे प्रत्येक कर्मचारी को आधुनिक सुरक्षा उपकरण (सेफ्टी किट) अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराए जाएं तथा इनका उपयोग सुनिश्चित किया जाए। अधिकारियों ने बैठक में अवगत कराया कि ऐसे सभी कर्मचारियों को सेफ्टी किट उपलब्ध करवाई जा चुकी हैं। इस पर ऊर्जा मंत्री ने निर्देश दिए कि कर्मचारियों को सर्कल स्तर पर विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाए ताकि वे सुरक्षा उपकरणों का सही एवं प्रभावी ढंग से उपयोग कर सकें। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि कर्मचारियों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बिजली विभाग के कर्मचारी कठिन परिस्थितियों में दिन-रात कार्य करते हैं और सरकार उनकी सुरक्षा, सुविधा तथा सम्मान के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है।
दो फीडरों से बिजली आपूर्ति लेने वाले डिफॉल्टर उपभोक्ताओं पर होगी कार्यवाही- विज
बैठक के दौरान यूनियन पदाधिकारियों ने दो फीडरों से बिजली आपूर्ति लेने वाले डिफॉल्टर एवं घरेलू उपभोक्ताओं के विरुद्ध कार्रवाई की मांग रखी, जिस पर श्री विज ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे मामलों की जांच कर नियमानुसार उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि बिजली कनेक्शन और आपूर्ति व्यवस्था पूरी पारदर्शिता एवं नियमों के अनुसार संचालित होनी चाहिए।
बिजली चोरी रोकने पर चलेगा अभियान- विज
ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली चोरी की समस्या पर भी बैठक में विस्तार से चर्चा हुई। यूनियन पदाधिकारियों की मांग पर ऊर्जा मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन गांवों और क्षेत्रों की जानकारी यूनियन द्वारा दी गई है, वहां विशेष अभियान चलाकर बिजली चोरी पर प्रभावी रोक लगाई जाए। उन्होंने कहा कि बिजली चोरी न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाती है बल्कि ईमानदार उपभोक्ताओं के अधिकारों का भी हनन करती है।
रिस्क अलाउंस हेतू अन्य विभागों व अन्य राज्यों में किया जाएगा अध्ययन- विज
बैठक में कर्मचारियों को रिस्क भत्ता देने की मांग भी उठाई गई, जिस पर ऊर्जा मंत्री ने ऊर्जा विभाग के प्रबंध निदेशक को निर्देश दिए कि अन्य विभागों व अन्य राज्यों में दिए जा रहे रिस्क अलाउंस का अध्ययन कर रिपोर्ट तैयार की जाए ताकि इस विषय पर उपयुक्त निर्णय लिया जा सके। बैठक में ऊर्जा विभाग की आयुक्त एवं सचिव श्रीमती आशिमा बराड़, हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक डॉ. आदित्य दहिया, उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम एवं दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के प्रबंध निदेशक श्री बिक्रम सिंह सहित ऑल हरियाणा पावर कॉरपोरेशंस वर्कर्स यूनियन, हिसार के चेयरमैन देवेन्द्र सिंह हुड्डा, प्रधान सुरेश राठी, कार्यवाहक महासचिव राजेन्द्र राणा, ऊर्जा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तथा यूनियन के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
