अमृतसरः सचखंड श्री हरमंदिर साहिब के पास स्थित सारागढ़ी सराय कैंटीन के प्रबंधन को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। कैंटीन के मौजूदा पार्टनर हरभजन सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कमेटी ने उन्हें विश्वास में लिए बिना कैंटीन के लिए नई बोली (बीडिंग) प्रक्रिया पूरी कर ली है, जिससे उनके अधिकारों का हनन हुआ है।
हरभजन सिंह ने कहा कि वह लंबे समय से संगत की सेवा कर रहे हैं और शिरोमणि कमेटी ने उन्हें वर्ष 2027 तक कैंटीन चलाने का प्रस्ताव (क्रमांक 315) दिया था। उन्होंने कहा कि 31 दिसंबर, 2027 तक कैंटीन चलाने का उनका कानूनी अधिकार है और वह अपने सभी भुगतान भी समय पर जमा कर रहे हैं। जब नई बोली को लेकर चर्चा चल रही थी, तब उन्होंने कमेटी से लिखित रूप में अनुरोध किया था कि वह काम जारी रखने के लिए तैयार हैं और यदि कमेटी मुनाफा बढ़ाना चाहती है, तो वह अतिरिक्त राशि देने के लिए भी सहमत हैं।
हरभजन सिंह ने खेद व्यक्त करते हुए कहा कि शिरोमणि कमेटी जैसी प्रतिष्ठित संस्था ने उन्हें बिना किसी सूचना या सलाह के ही बोली प्रक्रिया पूरी कर लेगी, उन्हें ये विश्वास नहीं था। वह सेवा को और बेहतर बनाने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन कमेटी के इस अचानक किए गए फैसले से उनके मन को गहरी ठेस पहुंची है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चूंकि 2027 तक उनके पास कानूनी अधिकार हैं, इसलिए वह विशेषज्ञों से कानूनी राय लेने और अदालत का दरवाजा खटखटाने पर विचार कर रहे हैं।
इस अवसर पर, श्रद्धालुओं की सेवा और भोजन-पेय पदार्थों की गुणवत्ता को ध्यान में रखते हुए, उन्होंने मांग की कि इस मामले पर पुनर्विचार किया जाए, ताकि पुराने सेवकों के साथ कोई अन्याय न हो।
