पठानकोट: पंजाब में आई बाढ़ का असर हर जगह दिखा है। किसान, व्यापारी और कई वर्ग इस बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। कुछ लोग तो बेघर हो गए हैं। अब इस बाढ़ के कारण त्योहार भी प्रभावित हो रहे हैं। इस साल आई बाढ़ के कारण कई जगहों पर रामलीला का मंचन नहीं हो रहा है। रामलीला न होने के कारण रावण, मेघनाथ और कुंभकर्ण के पुतलों पर भी इसका असर हुआ है।
नाटक मंडलियों के द्वारा ऑर्डर रद्द कर दिए गए हैं जिसके कारण इन पुतलों को बनाने वाले कारीगर भी उदास हो गए हैं। इस बार दूसरे राज्यों से बांस भी मंगवाया जा रहा है क्योंकि पंजाब और हिमाचल प्रदेश में पानी का जलस्तर होने के कारण बांस की कटाई नहीं हो पाई है। इसके कारण कारीगरों को दूसरे राज्यों से महंगे दामों पर बांस मंगवाना पड़ा है। इसका असर पुतलों पर भी दिख रहा है।
इस बारे में कारीगरों से जब बात की गई तो उन्होंने कहा कि बाढ़ के कारण कई जगहों पर रामलीला का मंचन न होने के कारण रावण, मेघनाथ और कुंभकर्ण के पुतलों के लिए उन्हें मिले ऑर्डर भी रद्द कर दिए गए हैं। इसके कारण उन्हें काफी नुकसान हुआ है। इसके अलावा इसके चलते बांस की कीमत भी बढ़ गई है। हिमाचल प्रदेश, पंजाब और जम्मू-कश्मीर में हर जगह पानी भर गया है। इसके चलते कटाई भी नहीं हो पाई थी। ऐसे में बांस दूसरे राज्यों से मंहगे दामों पर मंगवाना पड़ा है।
