अमृतसर, 21 मार्च 2026: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शनिवार को घोषणा की कि राज्य सरकार 13 अप्रैल को विधानसभा का एक विशेष सत्र बुलाएगी। इस सत्र में ‘बेअदबी’ (धार्मिक ग्रंथों के अपमान) के मामलों पर सख्त कानून लाने के लिए जगत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार अधिनियम, 2008 में संशोधन किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रस्तावित कानून में दोषियों के लिए कड़ी सजा, भारी जुर्माना और संपत्ति जब्त करने जैसी प्रावधान शामिल होंगे। इसके अलावा, डिजिटल माध्यमों के जरिए होने वाली बेअदबी को भी कानून के दायरे में लाने की तैयारी है।
संत समाज और कानूनी विशेषज्ञों से होगी सलाह
यह घोषणा अमृतसर में संत समाज और विभिन्न धार्मिक नेताओं के साथ हुई बैठक के दौरान की गई। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि नए कानून का मसौदा संत समाज और देशभर के अनुभवी वकीलों की सलाह से तैयार किया जाएगा, ताकि दोषियों को उदाहरणात्मक सजा दी जा सके।
उन्होंने कहा कि यह विशेष सत्र खालसा सजना दिवस के अवसर पर बुलाया जा रहा है, जिससे इस पहल का धार्मिक महत्व और भी बढ़ जाता है।
मुख्यमंत्री ने विभिन्न संप्रदायों, टकसालों, निहंग सिंह समूहों, उदासी और निर्मला संप्रदायों, कर सेवा संस्थाओं, रागियों और कथावाचकों को इस सत्र में शामिल होने का निमंत्रण भी दिया।
बेअदबी मामलों पर जीरो टॉलरेंस नीति
मुख्यमंत्री मान ने स्पष्ट किया कि सरकार बेअदबी के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि नया कानून इस तरह तैयार किया जाएगा, जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लग सके।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां और विधायक डॉ. इंदरबीर सिंह निज्जर जल्द ही धार्मिक नेताओं से संपर्क कर उन्हें इस विशेष सत्र में भाग लेने के लिए प्रेरित करेंगे।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर भी मुख्यमंत्री ने लिखा कि सरकार धार्मिक भावनाओं का पूरा सम्मान करती है और बेअदबी करने वालों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी।
बैठक के दौरान संत समाज के सदस्यों ने बेअदबी से जुड़े लंबित मामलों को जल्द निपटाने की मांग की, ताकि दोषियों को समय पर सजा मिल सके। उन्होंने श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के आयोजन के लिए पंजाब सरकार की सराहना भी की।
इसके साथ ही अमृतसर साहिब, श्री आनंदपुर साहिब और तलवंडी साबो को पवित्र शहर का दर्जा देने के फैसले का भी स्वागत किया गया। बैठक का समापन सामूहिक अरदास के साथ हुआ।
