चंडीगढ़ः पावरकॉम द्वारा खर्च रिकवर करने के लिए सरकार को भेजी गई सिफारिश के तहत सरकार ने बिजली बिल में बढ़ोतरी कर जनता की परेशानी बढ़ा दी है। पंजाब में घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को 300 यूनिट प्रतिमाह मुफ्त बिजली की सुविधा देने के साथ ही बिजली की दरों में बढ़ौतरी को मंजूरी दे दी गई। पावरकॉम द्वारा खर्च रिकवर करने के लिए बिजली की दरों में 12-13 पैसे प्रति यूनिट के हिसाब से दरें बढ़ाने की फाइल सरकार को भिजवाई गई थी जिस पर सरकार ने मोहर लगा दी है। बिजली दरों में बढ़ौतरी लागू करने का सर्कुलर जल्द ही जारी किया जा रहा है।
घरेलू व इंडस्ट्री पर अलग-अलग दरें लागू की जा रही हैं। इसमें घरेलू उपभोक्ताओं का के.डब्ल्यू.एच. (किलो वाट ऑवर) के हिसाब से 12 पैसे जबकि इंडस्ट्री का केवीएएच (किलो वाट एंपियर ऑवर) के अनुसार 13 पैसे शुल्क बढ़ाया जा रहा है। गर्मी के सीजन में निर्विघ्न सप्लाई मुहैया करवाने के लिए पावरकॉम ने महंगी बिजली व कोयले की खरीद की थी जिसके चलते विभाग को तय दरों से महंगी बिजली मिली।
नियमों के अनुसार 2 तिमाही तक दरें बढ़ाने के लिए सरकार से मंजूरी लेनी पड़ती है जबकि अंतिम दो तिमाही में बिजली का शुल्क बढ़ाना हो तो रैगुलेटरी कमीशन से इजाजत मिलना जरूरी है। सरकार द्वारा 12-13 पैसे की बढ़ौतरी करने का घरेलू उपभोक्ताओं पर कोई अधिक प्रभाव देखने को नहीं मिलेगा क्योंकि 300 यूनिट प्रति माह मुफ्त मिलने के बाद बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं को शून्य बिल प्राप्त हुए हैं। दरें बढऩे के बाद इंडस्ट्री की प्रोडक्शन महंगी होगी व आने वाले समय में इसका विरोध देखने को मिल सकता है।