अमृतसरः जिले में 18 जत्थे बंदियों और संयुक्त किसान मोर्चे की सांझी रैली में एक बार फिर से दिल्ली मोर्चे की तैयारी का ऐलान किया है। किसानों ने मंच सांझा करते हुए कहा कि दिल्ली की सीमाओं पर किसानों का आंदोलन मांगों को लेकर 13 महीने के आसपास चला। सरकार में किसानों की तीन कृषि कानून वापस लेने की मांग को तो मान लिया, लेकिन एमएसपी गारंटी कानून, स्वामीनाथन रिपोर्ट को लागू करने की मांग के साथ-साथ कई मांगे सरकार ने लंबित रख दी। वहीं जैसे-जैसे समय बितता गया। वैसे-वैसे किसानों की कई मांगें जुड़ती चली गई। जिसको लेकर एक बार फिर किसान सरकार के खिलाफ हुंकार भरने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा की अब फिर से दिल्ली की ओर कूच करना जरूरी हो गया है।
भारतीय किसान यूनियन की ओर से ट्रक ड्राइवरों की हड़ताल को समर्थन देने का ऐलान किया गया है। यह ऐलान जंडियाला गुरु की रैली के दौरान किया गया। इस दौरान भारतीय किसान यूनियन के सेक्टर चमकौर सिंह ने कहा कि ट्रक यूनियन की मांगे बिल्कुल जायज़ है और किसान उनका समर्थन करते हैं। किसानों की रैली के लिए हजारों की संख्या में बच्चे, बूढ़े और औरतें पहुंचे। सबने पहले मारे गए किसान शहीदों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा उसके बाद सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। किसानी झंडे को लेकर पूरी दाना मंडी में नारे लगाए गए।