पीड़ितों ने 2 अधिकारियों पर आरोपियों से मिलीभगत के लगाए गंभीर आरोप
लुधियानाः समराला के गगड़े गांव के एक पीड़ित परिवार ने समराला में DSP ऑफिस के बाहर इंसाफ की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान हालात तब तनावपूर्ण हो गए जब पुलिस प्रशासन के काम-काज से नाराज परिवार की महिलाओं और अन्य सदस्यों ने खुद पर केरोसीन डालकर आत्मदाह करने की कोशिश की। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तुरंत दखल देकर उन्हें ऐसा करने से रोका और एक बड़ा हादसा टल गया।
प्रदर्शन के दौरान, पीड़ित दलवीर सिंह की बुजुर्ग मां की तबीयत अचानक बिगड़ गई और वह DSP ऑफिस के बाहर बेहोश होकर गिर गईं। महिला के बेहोश होने से मौके पर हड़कंप मच गया और परिवार के सदस्य भावुक हो गए। कुछ समय तक प्रदर्शन स्थल पर हालात काफी गंभीर बने रहे। हालांकि, पुलिस ने बेहोश मां को पानी पिलाया और स्थिति को संभालने में हिम्मत दिखाई।
धरने पर बैठे दलवीर सिंह की पत्नी मनप्रीत कौर, भाई बलविंदर सिंह, बहन जसवीर कौर और बेटी जैस्मीन कौर ने बताया कि 11 मई को हुए एक हमले में दलवीर सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। मामूली विवाद के बाद कुछ लोग घर में घुस आए और उन पर धारदार हथियारों से हमला किया, जिससे दलवीर सिंह के सिर पर गंभीर चोटें आईं। परिवार के सदस्यों के अनुसार, दलवीर सिंह का अभी चंडीगढ़ के सेक्टर-32 अस्पताल में इलाज चल रहा है और उसके सिर पर 32 टांके आए हैं। घटना के लगभग एक महीने बाद भी उन्हें इंसाफ नहीं मिला है। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि नायब कोर्ट कुलदीप सिंह और गगडे गांव के सीनियर पुलिस अधिकारी हरपाल सिंह की मिलीभगत के कारण ही दोषियों को अब तक गिरफ्तार नहीं किया गया है। इसी के चलते उन्होंने इंसाफ की मांग को लेकर उग्र प्रदर्शन करते हुए आत्मदाह का प्रयास किया।
वहीं मामले की गंभीरता को देखते हुए समराला के DSP प्रीतपाल सिंह खुद प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे और पीड़ित परिवार से लंबी बातचीत की। परिवार की शिकायतें सुनने के बाद उन्होंने भरोसा दिलाया कि पुलिस मामले की निष्पक्ष जांच कर रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। DSP प्रीतपाल सिंह ने कहा कि इस मामले में हत्या के प्रयास समेत विभिन्न धाराओं के तहत पहले ही केस दर्ज किया जा चुका है। बाकी आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है और परिवार से मिली नई जानकारी को भी जांच में शामिल किया गया है।
