मोगाः पंजाब सरकार द्वारा लगातार भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जा रहा है। वहीं पिछले 9 महीने से रिश्वत लेने के आरोप में घिरी महिला पुलिस इंस्पेक्टर पर आज गाज गिर गई। दरअसल, अदालत द्वारा भगोड़ा घोषित किए जाने के बाद सस्पेंड पुलिस इंस्पेक्टर इंस्पेक्टर अर्श दीप के खिलाफ धारा 2009 के तहत केस दर्ज किया गया है। इससे पहले महिला इंस्पेक्टर के खिलाफ नशा तस्करों से 5 लाख रुपए लेकर उनको छोड़ने के मामले में भ्रष्टाचार अधिनियम एक्ट के तहत केस दर्ज था।
थाना कोट इसे खां के सब इंस्पेक्टर बलविंदर सिंह ने बताया कि थाने की तत्कालीन पुलिस इंस्पेक्टर अर्शप्रीत कौर के खिलाफ 23 अक्टूबर 2024 को नशा तस्कर को छोड़ने के एवज में 5 लाख रुपए की रिश्वत लेने के मामले में केस दर्ज हुआ था। इसके बाद से महिला पुलिस अधिकारी फरार है।उसकी अग्रिम जमानत याचिका रद्द हो चुकी है।केस दर्ज होने के 9 महीने बाद भी सस्पेंड महिला पुलिस अधिकारी अदालत पेश नहीं होने के चलते उसे भगोड़ा घोषित किया है। थाना कोट इसे खां में अर्शप्रीत कौर के खिलाफ धारा 209 के तहत केस दर्ज किया है।
पुलिस के अनुसार 1 अक्टूबर 2024 को मुखबिर ने सूचना दी थी की उसी दिन एनडीपीएस एक्ट के मामले में थाना कोटइसे खां की पुलिस ने अमरजीत सिंह निवासी कोटइसे खां को स्कॉर्पियो गाड़ी और 2 किलो अफीम बरामद की थी। अमरजीत के साथ उसका भाई मनप्रीत सिंह और भतीजा गुरप्रीत सिंह भी थे और उनको भी 3 किलो अफीम के साथ मौके पर गिरफ्तार किया गया था। इंस्पेक्टर अर्शप्रीत कौर थाने के मुंशी गुरप्रीत सिंह और बलखंडी चौकी के मुंशी राजपाल सिंह के साथ साठगांठ कर 5 लाख रुपए लिए थे।